गोंडा। लोक निर्माण विभाग की ओर 2017 से लेकर 2020 तक जनपद में बनाई गई सड़कों में अनियमितता व ई-टेंडरिंग की जांच के लिए शासन ने अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तीन सदस्सीय टीम का गठन किया है। टीम सोमवार को गोंडा पहुंचेगी। इसके बाद यहां विभिन्न सड़कों व ई-टेंडरिंग में गड़बड़ी की जांच करेगी। बस्ती जनपद में हवा में सड़कों का निर्माण कर बजट डकारने के खुलासे के बाद शासन ने जिले में सड़कों की जांच के लिए टीम बनाई है। बताया जा रहा है कि इसकी जिले की जांच के लिए मुख्य अभियंता शशि भूषण ने जांच टीम गठित की है। एक सप्ताह में पूरी रिपोर्ट मांगी है।
जिले में सड़कों व उसके साथ ही ई-टेंडरिंग की जांच के लिए अधीक्षण अभियंता बहराइच राजीव कुमार की अध्यक्षता में अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी खंड तीन सुल्तानपुर रविकांत रजत, अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड अमेठी राकेश कुमार चौधरी की टीम बनाई है जो सड़कों की स्थिति की पड़ताल करेंगे। जांच टीम वर्ष 2017 से लेकर 2020 तक जनपद में सड़कों के निर्माण, भुगतान के साथ ही ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया की पड़ताल करेगी। ई-टेडरिंग में होने वाले खेल पर भी रिपोर्ट बनेगी।
पर्दे के पीछे वालों की धुकधुकी बढ़ी, सेटिंग के लिए चल रहे दांव
पीडब्ल्यूडी की ओर 2017 से लेकर 2020 तक जनपद में सड़कों के निर्माण को लेकर होने वाली कार्रवाइयों और हुए निर्माण की पड़ताल शुरू होने से पर्दे के पीछे खेल करने वालों की धुकधुकी भी बढ़ गई है। सत्ता के छांव में हाथ ही सफाई करने वालों ने एक बार फिर गणेश परिक्रिमा तेज कर दी है। माना जा रहा है कि अभी विभाग के अधिकारी ही मामले की जांच कर रहे हैं तो आसानी से मैनेजमेंट किया जा सकता है। शासन ने कहीं बस्ती की तर्ज पर मामलों को गंभीरता से ले लिया तो कई लोग बेपर्दा हो जाएंगे।
300 करोड़ से अधिक का बजट हो चुका है सड़क निर्माण पर खर्च
जिले की सड़कों की हाल भले ही न सुधरी हो लेकिन बड़े पैमाने पर बजट खर्च हो चुका है। राह चलते लोग चाहे जिसे कोसें लेकिन विभाग का दावा है कि सड़कों के निर्माण में कोई कोताही नही बरती गई है। गड्ढामुक्त सड़कों का मामला हो या नई सड़कों का निर्माण, वर्ष 2017 से कई सड़कों का कार्य हुआ है। 300 करोड़ से अधिक का बजट सड़कों की बेहतरी के लिए खर्च किया जा चुका है। फिलहाल अब शासन ने जांच कराने की बात कही है तो बजट के उपभोग को लेकर संदेह बढ़ गया है।
शासन के निर्देश पर निर्माण कार्य और प्रक्रिया की जांच कराई जा रही है। तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम मामले की जांच करेगी। जांच की रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जानी है। -शशिभूषण, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी