करनैलगंज(गोंडा)। सरयू (घाघरा) में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी विभिन्न राज्यों से छोड़ा गया है जो शनिवार तक एल्गिन चरसड़ी पर पहुंचेगा। जिससे लोगों की धड़कन तेज हो गई हैं। विभिन्न बैराजों एवं पहाड़ी नालों से छोड़े जा रहे सरयू (घाघरा) नदी में पानी का जलस्तर एवं डिस्चार्ज तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को करीब तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी सरयू में डिस्चार्ज हो रहा था। जिससे बांध व उसके आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं लोगों की दुश्वारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
नेपाल की पहाड़ियों तथा उसके आसपास के क्षेत्रो में लगातार हो रही बारिश के चलते बैराजों के डिस्चार्ज ने शुक्रवार को फिर से बढ़त बना ली है। जिससे पहले से ही उफनाई सरयू में शनिवार शाम तक उफान आने की संभावना प्रबल हो गयी है। पहले से ही खतरे के निशान से करीब 35 सेटीमीटर ऊपर बह रही सरयू नदी तेज बहाव के साथ एल्गिन चरसड़ी तटबंध पर बांसगांव के पास ठोकरे मारने के साथ सकरौर भिखारीपुर रिंगबांध पर गुड़हन पुरवा के पास करीब एक किलोमीटर के दायरे में सीधे बांध से टकराने लगी है। नदी के तेज बहाव से बाढ़ का पानी निचले हिस्सों में बसे गांवों में घुसने लगा हैं। तथा एक दर्जन गांव व मजरे बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं।
बांध पर तैनात अधिशासी अभियंता एमके सिंह ने बताया कि बांध पर चल रही परियोजनाओं व मरम्मत कार्य समय पर करा लेने से दोनों बांधो को कोई खतरा नहीं है। नकहरा के मजरों सहित मांझारायपुर में पानी घुस चुका है। भारी बरसात होने के कारण एल्गिन चरसड़ी बांध पर बड़े बड़े रैनकट बने हुए है। जो कभी भी खतरे का कारण बन सकते है। नकहरा गांव सहित मांझारायपुर, नैपुरा, परसावल सहित एक दर्जन गांव के ग्रामीणों के घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। इधर केद्रीय जल आयोग एल्गिन ब्रिज घाघरा घाट से मिली जानकारी के मुताविक शुक्रवार 4 बजे तक शारदा, गिरिजा व सरयू बैराजों का कुल डिस्चार्ज बढ़कर 3 लाख 6 हजार 353 क्यूसेक तक जा पहुंचा है। जो अपना असर शनिवार की शाम से दिखाना शुरू कर देगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2 फिट से भी ऊपर तक जा सकता है।