गोंडा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री की पहल धरातल पर नहीं उतर सकी है। ढाई साल से तीन राजकीय इंटर कॉलेजों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
तरबगंज के करनीपुर में राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण की सारी कार्रवाई पूरी होने के बाद भी निर्माण अधूरा है। वहीं करनैलगंज में स्थान तय होने के बाद से निर्माण ही नहीं शुरू हो पाया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी भी जताई, लेकिन कार्यदायी संस्थाएं लापरवाही कर रही हैं।
जनपद में तीन राजकीय इंटर कॉलेजों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त 2018 को स्वीकृति दी। प्रति विद्यालय के निर्माण के लिए 277.24 लाख की धनराशि की मंजूरी मिल गई थी।
एक साल में पूरे होने वाला कार्य ढाई साल बीत जाने के बाद भी कार्यदायी संस्थाएं पूर्ण नहीं कर पाई। वहीं करनैलगंज में विद्यालय के लिए भूमि का चयन में देर में होने के कारण निर्माण अभी शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री घोषणा से तीन राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण में तरबगंज के करनीपुर ग्राम पंचायत, मनकापुर के गौरा, कर्नलगंज को शामिल किया गया है।
प्रति विद्यालय का निर्माण 277.24 लाख से निर्माण होना है। तरबगंज में इंटर कालेज के निर्माण के लिए सीएनडीएस, मनकापुर के लिए यूपी सिडको, कर्नलगंज के लिए राजकीय निर्माण निगम को जिम्मेदारी दी गई है। निर्माण के लिए तरबगंज को 135.27 लाख, मनकापुर के लिए 135.27 लाख रुपए की धनराशि भी दी जा चुकी है।
अभी कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्थाओं के धीमी गति से हो रहे निर्माण से आगामी सत्र में भी विद्यालय का निर्माण पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है। विद्यालय निर्माण पूरा न होने से क्षेत्र के बच्चों को सस्ती व अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के सपनों को धक्का लग सकता है।
कालेजों के निर्माण में ढिलाई पर बीते दिनों जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कड़ी चेतावनी दी। इसके बाद भी निर्माण में ढिलाई ही हो रही है। तरबगंज के करनीपुर में निर्माण को देखें तो यहां पर अभी पूरे भवन की छत नहीं लग पाई है। छत के बाद प्लास्टर, खिड़की दरवाजा, बाउंड्री वॉल का निर्माण बाकी है, जबकि नया सत्र आने में मात्र अब ढाई महीने बाकी रह गए है। यही हाल मनकापुर के गौरा का है। कर्नलगंज में अभी जमीन का अधिग्रहण ही नहीं हो पाया है।