कलेक्ट्रेट स्थित नामांकन कक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल तीन उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। जांच के दौरान तीनों नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। नामांकन करने वालों में सपा समर्थित प्रत्याशी के अलावा दो निर्दल उम्मीदवार शामिल हैं।
कलेक्ट्रेट गेट पर निर्दल प्रत्याशी के प्रस्तावक व समर्थक के साथ तथाकथित सपाइयों ने पुलिस के सामने मारपीट की तथा नामांकन पत्र फाड़ दिया।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर प्रस्तावक व समर्थक को नामांकन कक्ष में पहुंचाया। अधिकारियों के साथ भी उपद्रवियों की तीखी नोंकझोंक हुई।
शुक्रवार को सपा प्रत्याशी रामवती ने सदर विधायक जगराम पासवान, सपा जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल तथा युवजन सभा जिलाध्यक्ष राकेश यादव के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष पद का नामांकन भरा।
रामवती के प्रस्तावक डीडीसी सदस्य जोखू यादव एवं समर्थक युवक कांग्रेस के श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष व डीडीसी दीपांकर सिंह बने।
निर्दल प्रत्याशी जगरानी देवी ने भी डीडीसी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। जगरानी के प्रस्तावक डीडीसी सदस्य साधूराम यादव तथा समर्थक संतोष यादव बने।
निर्दल प्रत्याशी शीला देवी ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। शीला देवी के साथ नामांकन कराने श्रावस्ती सांसद दद्दन मिश्रा भी कलेक्ट्रेट पहुंचे।
शीला देवी के प्रस्तावक डीडीसी सदस्य व भाजपा जिला महामंत्री अजय सिंह पिंकू तथा समर्थक भाजपा नेता मिथिलेश सिंह हैं।
जगरानी देवी का नामांकन दाखिल करने जा रहे डीडीसी सदस्य साधूराम यादव व संतोष यादव के साथ कलेक्ट्रेट गेट नंबर दो पर पुलिस के सामने ही सपा समर्थकों ने हमला कर दिया।
साधू व संतोष का कहना है कि सपाई जगरानी देवी का नामांकन रोकना चाहते थे। उन्होंने मारपीट की तथा नामांकन पत्र भी फाड़ डाला। पुलिस ने बाद में हस्तक्षेप कर विपक्षियों को हटाया।
सदर एसडीएम इंद्रभूषण वर्मा ने साधू व संतोष को सुरक्षित नामांकन कक्ष तक भिजवाया। विदित हो कि यह घटना सपा नेताओं तथा डॉ. अनुराग यादव के बीच चल रही तनातनी का परिणाम है।
अनुराग ने बताया कि वह घटना की तहरीर देहात थाने में देंगे। कलेक्ट्रेट परिसर में घुसे शिवपूजन यादव को पुलिस ने बाहर निकाल दिया।
सपा प्रत्याशी रामवती का समर्थक बने डीडीसी सदस्य तथा युवक कांग्रेस श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष दीपांकर सिंह ने बताया कि उनकी पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है।
भाजपा समर्थित शीला देवी को मात देने के लिए मैंने पुरानी सहयोगी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन दिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर व आसपास भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी। परिसर में प्रवेश करने वालों से गहन पूछताछ की जा रही थी।
तमाम लोगों को पुलिस ने बाहर से भगा दिया। एएसपी एसके राय तथा सीओ सिटी देवेश कुमार शर्मा खुद सुरक्षा की कमान संभाल रहे थे।
कलेक्ट्रेट गेट पर हुई मारपीट के दौरान पुलिस देर तक तमाशा देखती रही। पुलिस तथा प्रशासन पर सत्ता का दबाव साफ दिख रहा था। हालांकि पुलिस अधिकारी किसी भी तरह के दबाव से इंकार कर रहे थे।