गोंडा। विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म और धमकी के मामले में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने फैसला सुनाया है। अदालत ने सौरभ सिंह, मनोरमा सिंह और ओम प्रकाश सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने पीड़िता के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर उसके खिलाफ झूठे साक्ष्य देने के संबंध में अलग से कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया।अभियोजन के अनुसार नवाबगंज के सौरभ सिंह पर विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने तथा मनोरमा सिंह और ओम प्रकाश सिंह पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। हालांकि, विचारण के दौरान पीड़िता ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। अदालत ने पाया कि पीड़िता ने धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दर्ज अपने पूर्व बयान से भी इन्कार किया। इन परिस्थितियों में अदालत ने अभियोजन साक्ष्य को विश्वसनीय नहीं माना और तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने पीड़िता के खिलाफ मिथ्या साक्ष्य देने के संबंध में अलग से आपराधिक प्रकीर्ण वाद चलाने का आदेश दिया।
मतदान बूथ हिंसा मामले में दो आरोपी दोषमुक्त
गोण्डा। धानेपुर के 1993 के मतदान बूथ हिंसा मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय विकास ने मुन्नू और मनोज कुमार मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। गवाहों के बयान और साक्ष्यों में कमी के चलते अदालत ने दोनों को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
जानलेवा हमले के दो आरोपी बरी
गोण्डा। कटरा बाजार क्षेत्र में वर्ष 2006 में हुए जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय दानिश हसनैन ने अवधेश पाठक और जिलेदार गोस्वामी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार वादी मतलूब ने 12 अप्रैल 2006 को जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।-संवाद
गोवंश तस्करी में दो की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
गोंडा। गोवंश तस्करी के मामले में अयोध्या निवासी मेराज अहमद और रियाज अहमद की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) फूलचंद्र कुशवाहा ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इन्कार किया। मामले में 21 जुलाई को नवाबगंज पुलिस ने डीसीएम से 10 गोवंश बरामद किए थे। सभी के मुंह और पैर बंधे थे। मौके से चालक अयाज अहमद गिरफ्तार किया गया था।-संवाद
फर्जी ढंग से लोन कराने के आरोपी बैंककर्मी को जमानत नहीं
गोंडा। फर्जी दस्तावेज तैयार कर सहकारी बैंक से 33 लाख रुपये का लोन कराने के मामले में आरोपी बैंककर्मी सुशील कुमार गौतम की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 दानिश हुसैन ने खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने सहआरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते से 33 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। -संवाद