परसपुर के भौरीगंज सरयू नदी बंधे पर पड़ीं हजारों दवाएं। संवाद
परसपुर। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत किशोर-किशोरियों को बांटी जाने वाली आयरन की हजारों गोलियां सरयू नदी के भौरीगंज बंधे पर लावारिस पड़ी मिलीं। पैकेट पर ‘उत्तर प्रदेश सरकार की आपूर्ति हेतु, विक्रय के लिए नहीं’ अंकित है।
बंधे पर गोलियों के पैकेट पर बैच नंबर के साथ मैन्युफैक्चरिंग डेट सितंबर 2025 और एक्सपायरी अगस्त 2027 दर्ज है। यानी दवा की उपयोग अवधि अभी बाकी है। प्रथम दृष्टया गोलियों की संख्या हजारों में बताई जा रही है, हालांकि वास्तविक संख्या का पता विभागीय भौतिक सत्यापन के बाद ही चल सकेगा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. लवकेश शुक्ल ने बताया कि 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को सप्ताह में एक बार आयरन की गोली दी जाती है। पांच अगस्त को चार विद्यालयों, बाल विकास परियोजना कार्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को कुल 3.42 लाख टैबलेट उपलब्ध कराई गई थीं। इसकी रिसीविंग उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बंधे पर मिली दवा सीएचसी की ही है। विभिन्न विद्यालयों को दी गई गोलियों की रिसीविंग और रजिस्टर की प्रतियां सीएमओ को भेज दी गई हैं।
परसपुर के भौरीगंज सरयू नदी बंधे पर पड़ीं हजारों दवाएं। संवाद