एसडीएम वीके सिंह की मौजूदगी में रविवार देर शाम हुई बैठक के दौरान श्रीराम जानकी मंदिर की जमीन से अवैध कब्जा खाली कराने के साथ ही खंडहर में तब्दील हो चुके मंदिर को फिर से सजाने-संवारने की रूपरेखा तय की गई। अतिक्रमणकारियों को एक हफ्ते की मोहलत अपने कब्जे हटाए जाने के लिए दी गई। इसके बाद अभियान चलाकर सारे कब्जे ढहा दिए जाएंगे।
वर्षों से वीरान पड़े श्रीराम जानकी चतुर्भुजी मंदिर को फिर से अपने मूल अस्तित्व में लाने की कवायद मंदिर के प्रशासक एसडीएम वीके सिंह ने शुरू कर दी है।
रविवार देर शाम एसडीएम वीके सिंह ने खुद के निर्देशन में गठित निगरानी समिति की बैठक बुलाई, जिसमें मंदिर के जीर्णोद्धार की रणनीति तय की गई।
कस्बे के मोहल्ला बालकरामपुरवा में स्थित ठाकुर रामजानकी चतुर्भुजी मंदिर में करीब आधा दर्जन लोगों के बीच सर्वराकारी का विवाद चल रहा है, जिससे मंदिर मरम्मत एवं देखरेख के अभाव में जीर्ण-शीर्ण हो चुका है।
इसी को देखते हुए डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने मंदिर की देखरेख व संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एसडीएम करनैलगंज को प्रशासक नियुक्त किया है।
बैठक में एसडीएम ने मंदिर की संपत्तियों का ब्यौरा सार्वजनिक करते हुए मंदिर की भूमि का निरीक्षण किया, जिसमें उन्हें कई जगहों पर कब्जे भी मिले।
इस पर उन्होंने हफ्ते भर की मोहलत देते हुए अतिक्रमणकारियों से जमीन खाली करने को कहा है। एसडीएम के निर्देश पर सोमवार को मंदिर का बैंक खाता भी खोला गया, जिसमें अब से मंदिर का पूरा जमा-खर्च रहेगा।
बैंक खाते की जमा-निकासी व संचालन का कार्य प्रशासक की अनुमति पर कोषाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह व ज्ञान प्रकाश मिश्रा के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
एसडीएम ने बताया कि मंदिर के नाम दर्ज खेतों में कृषि कार्य करने वाले लोगों की बैठक बुलाकर उनसे किराया या अनाज के बंटवारे पर बात की जाएगी।