गोंडा। किसानों को खाद नहीं मिल पाने से रबी की फसल की बोआई पिछड़ रही है। छपिया और बभनजोत विकासखंड में खाद की किल्लत कम नहीं हो रही है। छपिया की 11 समितियों में से सिर्फ पांच समितियों पर ही खाद का वितरण हो रहा है। बाकी छह समितियों से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
छपिया के मसकनवा सहकारी संघ, बिछिया बौहान, सिसई रानीपुर, साबरपुर व कर्मा समिति पर खाद की उपलब्धता है। जबकि खजुरी, वीरापुर, तिरुखा समिति पर अभी तक डीएपी यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो सकी है। शीतलगंज व दरियापुर में पूर्व में सचिव पर गबन करने के बाद से समिति पर खाद नहीं पहुंची है। नारायनपुर समिति का गोदाम पूरी तरह जर्जर है। क्षेत्र के रामतीरथ, राजेंद्र प्रसाद, सुमिरन, जोखू, लवकुश, राममिलन, मो. इसहाक, रोहित कुमार आदि किसानों का कहना है कि हर साल बोआई के समय समितियों से खाद नदारद हो जाती है। समिति में खाद न मिलने से किसानों को मजबूरी में दुकानों से खाद लेनी पड़ती है।
एडीओ (कोऑपरेटिव) रामसजीवन पांडेय ने बताया की छपिया क्षेत्र के खजुरी, वीरापुर, तिरुखा समिति में खाद उपलब्ध कराने के लिए डिमांड भेजी गई है। वहीं, बभनजोत क्षेत्र में कुल 10 कोऑपरेटिव सोसाइटी हैं। सहकारी समिति बनगवा पर 2.5 एमटी, अलीपुर सहकारी समिति पर 2.5 एमटी तथा हथियागढ़ सहकारी समिति पर पांच एमटी डाई खाद आई थी जो सोमवार को वितरित हो गई। कुछ किसानों को डीएपी मिली है। अन्य को खाली हाथ लौटना पड़ा। बभनजोत के बीडीओ ओमप्रकाश सिंह यादव ने बताया कि जल्द ही सभी समितियों पर खाद उपलब्ध होगी।