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Gonda News: जांच की व्यवस्था नहीं, फार्मासिस्ट कर रहे इलाज

Sun, 08 Jun 2025 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जन आरोग्य मेले का आयोजन सिर्फ रस्म अदायगी बना दिखने लगा है। हालांकि विभागीय स्तर पर इसमें मरीजों की जांच व विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज का दावा किया जाता है लेकिन आरोग्य मेले की जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आती है। इस दौरान अधिकांश पीएचसी पर जांच तक की सुविधा मरीजों को नहींं मिलती। जबकि कई जगह चिकित्सक न होने से फार्मासिस्ट मरीजों से हाल पूछकर दवा बांट रहे हैं। रविवार को जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। पेश है एक रिपोर्ट।
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डॉक्टर नहीं मिले, फार्मासिस्ट ने किया इलाज
पीएचसी बभनान में दोपहर 01:23 बजे जन आरोग्य मेले में कोई डॉक्टर नहीं मिला। फार्मासिस्ट केके तिवारी मरीजों की परेशानी पूछकर खुद दवा बांट रहे थे। बताया गया कि यहां किसी एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती नहीं है। आयुष चिकित्सक डॉ. एमए खान अवकाश पर हैं। यहीं हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीरपुर में दिखाई पड़ा। यहां पर भी कोई डॉक्टर नहीं बल्कि फार्मासिस्ट अवधेश शुक्ल इलाज करते मिले। बताया कि पांच मरीजों की हीमोग्लोबिन व शुगर की जांच भी की गई।

बिना जांच के ही हुआ इलाज
पीएचसी मंगुरा बाजार में दोपहर 12:05 बजे तक पहुंचे मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिली। इलाज कराने आए धनुही निवासी राहुल कुमार ने बताया कि कई दिनों से वह बुखार से पीड़ित हैं। यहां भी बिना कोई जांच कराए सिर्फ हालचाल पूछकर दवा दे दी गई। सुसुंडा निवासी राज जायसवाल, नीरपुर ख्याला निवासी अवधराजी सहित 12 लोगों ने बताया कि उन्हें भी बिना जांच ही लाल पीली गोली खाने के लिए थमा दी गई। डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि प्रयोगशाला सहायक की तैनाती न होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। इस लिए सिर्फ लक्षण के आधार पर मरीजों को दवा देना पड़ रही है।
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विशेषज्ञ नहीं आयुष डॉक्टर ने किया इलाज
पीएचसी मसकनवा में पूर्वाह्न 11.20 बजे तक कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं पहुंचा। वहां आयुष चिकित्सक डॉ. पवन पटवा मरीजों का इलाज करते मिले। यहां कोई भी एमबीबीएस चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सक, महिला चिकित्सक व महिला स्वास्थकर्मी मौजूद नहीं थे। वहीं बेलसर के माधवपुर पीएचसी में सुबह साढ़े दस बजे तक सिर्फ पांच मरीजों का ही इलाज मिल सका। आयुष डॉक्टर ने बताया कि केंद्र पर जांच की कोई सुविधा नहीं है लक्षण के आधार पर इलाज किया जा रहा है।
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