करनैलगंज। सड़क हादसे में मंगलवार को दो युवकों की मौत में करनैलगंज-हुजूरपुर मार्ग स्थित रेलवे क्राॅसिंग का बंद होना भी एक अहम कारण बना। क्राॅसिंग बंद होने से गोल्डन ऑवर में इलाज मिलने में समस्या हुई। वैसे, यह क्रॉसिंग बंद होने से लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है।
गोंडा-बुढ़वल रेलमार्ग पर प्रतिदिन दर्जनों यात्री गाड़ियों के अलावा मालगाड़ियां भी गुजरती हैं। गेट बंद होने पर वाहन चालक जल्दी निकलने के चक्कर में विपरीत (दाहिनी) दिशा में अपना वाहन लगा देते हैं। गेट खुलने पर विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों को कोई रास्ता ही नहीं मिल पाता। यहीं से जाम की स्थिति शुरू हो जाती है। पहले निकलने के चक्कर में लोगों की आपाधापी भी जाम का प्रमुख कारण बनता है।
लोगों का कहना है कि इस रूट की तीसरी लाइन चालू होने के बाद गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है। कस्बे के आसपास के तीन गेट संख्या 280, 281 व 282 काफी व्यस्त रहते हैं। यहां काफी अरसे से फ्लाईओवर बनाए जाने की मांग चल रही है।
ओवरब्रिज बनाने की मांग
दिनेश, सर्वेश, रमेश, मिथलेश, संतोष, अरुणेंद्र, गोपाल जी, निखिल आदि ने बताया कि ओवरब्रिज बनाने के लिए स्थानीय लोग कई बार पत्र भेज चुके हैं। चुनाव के दौरान भी जाम से निजात दिलाने का मुद्दा गूंजा था, लेकिन बाद लोगों की समस्या ठंडे बस्ते में चली गई।
बिजली के खंभे बन रहे बाधक
एक वर्ष पूर्व फ्लाई ओवर बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पीडब्ल्यूडी से एनओसी भी जारी हो चुकी है। मार्ग से बिजली के खंभे हटाने के लिए पत्र जारी हुआ था, लेकिन न तो खंभे हटे और न ही निर्माण शुरू हुआ। जेई ने बताया कि विभाग ने एनओसी जारी कर दिया है।