कानपुर के पास मंधना में आरी के ब्लेड से काटी गई रेलवे ट्रैक की तस्वीर
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गोंडा से बलरामपुर जाने वाली रेल लाइन सुभापुर-इटियाथोक रेलवे स्टेशन के मध्य किलोमीटर 207/08 के बीच बुधवार की सुबह टूट गई। गनीमत रही कि रेल लाइन के टूटते ही इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को मिल गई और उन्होंने इसकी सूचना कंट्रोल को दे दी। जिससे रेल लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों को जहां के तहां रोक दिया गया।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने टूटी रेल लाइन को ठीक किया। तब तक बलरामपुर रूट का आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। बता दें कि जिले में बीते 10 दिनों के भीतर रेल लाइन टूटने की यह दूसरी घटना है। फिलहाल मंडल रेलप्रबंधक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
गत 10 जनवरी को गोंडा रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल से कुछ पहले सेंट्रल पैनल के नजदीक रेल लाइन फ्रैक्चर होने की एक घटना हुई ही थी। जबकि बुधवार को एक बार फिर से बलरामपुर रेल रूट की यानि सुभागपुर और इटियाथोक के बीच टूट गई।
तीन साल पहले ही इस नई रेल लाइन को बिछाया गया है। ऐसे में इस लाइन बुधवार को किलोमीटर 207/08 पर अचानक से टूट जाना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि जानकर इसके टूटने की मुख्य वजह ठंड को मान रहे है। बुधवार की सुबह 7.50 बजे जैसे ही रेल ट्रैक टूटने की जानकारी पेट्रोलमैन राम अछैवर से सुभागपुर स्टेशन मास्टर लाल भैया को मिली, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल को दी। जिसके बाद ट्रैक से होकर गुजरने वाली इंटरसिटी टे्रन को इटियाथोक तो डेमो को सुभागपुर स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया।
उधर रेल ट्रैक टूटने की सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग विभाग के लोग उस जगह पहुंच गए। जहां रेल ट्रैक टूटा हुआ था। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजीनियरिंग विभाग के लोगों ने टूटे ट्रैक को जोडक़र इटियाथोक और सुभागपुर स्टेशन पर खड़ी ट्रेनों का आवागमन बहाल कराया। जबकि पूरे मामले की मंडल रेल प्रबंधक आलोक सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं वरिष्ठ यातायात निरीक्षक डीके श्रीवास्तव ने बताया कि सुभागपुर-इटियाथोक के बीच टूटे फैक्चर को ठीक कराकर आवागमन बहाल कर दिया गया है। लेकिन जिस जगह पर ट्रैक टूटा, उस जगह से 10 की स्पीड में ट्रेनों को कासन लगाकर चलाया जा रहा है।