बरसात के मौसम में होने वाली मच्छरजनित बीमारियों से गुरुवार रात उमरीबेगमगंज इलाके के रहने वाले एक युवक की इलाज के दौरान लखनऊ के अस्पताल में मौत हो गई। बताया जाता है कि यह युवक 15 दिन पहले रोजी-रोटी के सिलसिले में गुजरात गया था, जहां उसे डेंगू हो गया। हालत खराब होने पर परिवारीजनों ने उसका इलाज लखनऊ के तीन अलग-अलग अस्पतालों में कराया, जहां गुरुवार रात चरक हॉस्पिटल में उसने दम तोड़ दिया।
उमरीबेगमंज थाना क्षेत्र के जफरापुर गांव में रहने वाले शंकर सिंह का पुत्र सुंदरपाल सिंह (22) 15 दिन पहले रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात गया था। यहां एक होटल पर काम करने के दौरान उसे डेंगू हो गया, जिससे उसकी हालत दिनोंदिन बिगड़ती चली गई।
सात दिन पहले हालत ज्यादा खराब होने पर वह गांव लौट आया। जहां से उसके परिवारीजन उसे लेकर पहले तो मेडिकल कॉलेज गए। लेकिन यहां दो दिनों तक भर्ती रहने के बाद भी जब उसे कोई राहत नहीं मिली तो परिवार वाले उसे लेकर सहारा हॉस्पिटल चले गए, लेकिन यहां भी सुंदरपाल की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद परिवारीजनों ने उसे लखनऊ के चरक हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां गुरुवार की रात उसकी डंगू से मौत हो गई। सुंदर पाल की मौत के बाद परिवार वाले उसे एंबुलेंस से लेकर गांव आए, जहां शुक्रवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सीएमओ का चार्ज पाए एसीएमओ डॉ. गयासुल हसन से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस तरह की कोई सूचना उनके पास नहीं आई है। लेकिन अगर ऐसा है तो वह इसे जरूर दिखवाएंगे। चरक हॉस्पिटल के डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि सुंदरपाल नाम का एक व्यक्ति अस्पताल में भर्ती हुआ था। जिसकी गुरुवार रात डेंगू बुखार से मौत हुई है। उसकी हालत काफी खराब थी।
22 साल के सुंदरपाल की शादी तीन साल पहले बस्ती जिले में हुई थी, जिससे उसकी एक साल की बेटी भी है। शुक्रवार को जब सुंदरपाल का शव गांव लाया गया तो उसकी अबोध बेटी को यह भी नहीं पता था कि अब उसके पापा कभी नहीं उठेंगे। जबकि परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
मच्छरजनित इस बीमारी से आदमी को तेज बुखार होने लगता है। साथ ही सिर में भी तेज दर्द होता है। मांसपेशियों व जोड़ों में भी तेज दर्ज होना शुरू हो जाता है। शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाते हैं। इसके अलावा पेट खराब होने, चक्कर आने, भूख न लगने की भी दिक्कत पैदा हो जाती है। जिससे प्लेट्लेट्स कम हो जाते हैं और नब्ज धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है।
डेंगू से बचाव का सबसे कारगर तरीका मच्छरों पर नियंत्रण पाना है। आसपास के किसी भी स्थान पर मच्छर न पैदा होनें दें। घर के भीतर कूलर इत्यादि में रखा पानी हर 24 घंटे के भीतर बदल दें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। शरीर को ढककर रखें।