गोंडा। कोरोना के विरुद्व जंग की मुहिम रविवार को काफी तेज रही, पूरे दिन जनता कर्फ्यू के बाद शाम पांच बजे से पूरे शहर में घंटा, शंख, कांस की थाली और ताली बजाने की गूंज रही। पूरे शहर में इनकों बजाने से ध्वनि की गूंज से लोगों में गजब का उत्साह रहा। ऐसा करके लोगों ने जनता कर्फ्यू में सहयोग करने वालों का अभिभावदन तो किया है खुद की शांति का एहसास भी किया।
शहर में शाम 5 बजे के बाद अपने घर के बालकनी के सामने खड़े होकर पांच मिनट तक अरुण मणि मिश्रा ने शंखनाद किया गया ओर उन लोगों को धन्यवाद दिया, जो कोरोना जैसे महामारी से बचाने में लगे हैं। पंकज मिश्रा ने कहा कोरोना का संकट से पूरा देश जूझ रहा है भगवान से प्राथना करे कि भारत पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़े।
शहर के जानकी नगर के गजेन्द्र सिंह ने बताया कि पूरे मोहल्ले में लोगों ने शंख, थाली और घंटा बजाया, उन लोगों ने ताली बजाया। इससे कोरोना के विरुद्व जारी की गई जंग और आगे बढ़ी है। वहीं पुलिस के लोगों ने पूरे शहर में सायरन बजाकर लोगों का अभिवादन किया।
विज्ञान शिक्षक डॉ. जीतेंद्र सिंह ने बताया कि जब हम किसी कांसे के बर्तन को निर्धारित चोट से कम व ज्यादा जोर से बजाते हैं, तो ध्वनि तरंगे कम से अधिकतम मोड में प्रवेश करती हैं। जो एक ईएम या इलेक्ट्रो मेगेनेटिक ऊर्जा क्षेत्र पैदा करती हैं। जिस क्षेत्र के संपर्क में आने से वायरस या विषाणु कंपन महसूस करता है, कोरोना वायरस की बाहरी मेम्ब्रेन बहुत ही कमजोर है। जिससे इसे द्विपक्षीय ध्रुवीय क्षेत्र में आते ही वायरस का न्यूक्लियस टूटने लगता है। ये निष्क्रियता की तरफ बढ़ जाती है।