करनैलगंज (गोंडा)। जून का तीसरा सप्ताह खत्म हो गया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे में करीब एक मीटर जलस्तर बढ़ा है, लेकिन बांध को कटान से बचाने के लिए तीन स्परों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
बांध को बचाने के लिए करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से स्पर, ठोकर और बांध पिचिंग का कार्य 15 जून तक पूरा कराने की समयसीमा तय की गई थी। मानसून आ गया है मगर अभी तक काम पूरा नहीं हो सका। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात के चलते सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को सरयू नदी खतरे के निशान 106.070 से करीब 2.60 मीटर नीचे थी। पानी का डिस्चार्ज 53.521 क्यूसेक था।
वहीं, रविवार को जलस्तर बढ़ते हुए 104.320 पर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से मात्र 1.75 मीटर नीचे है। रातोंरात करीब एक मीटर जलस्तर में रिकाॅर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में इस वर्ष एल्गिन-चरसड़ी बांध पर शुरुआत से ही खतरा मंडराने लगा है। पहले बाढ़ का पानी बढ़ने पर नदी की धारा बीच में होती थी। मगर मौजूदा समय में पानी बढ़ते ही बहुवन मदार माझा के पास जहां स्पर का निर्माण हो रहा है वहां बांध से मात्र चंद कदम की दूरी तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने या घटने पर कटान से बांध को खतरा हो सकता है।
सहायक अभियंता पंकज आर्य ने बताया कि स्पर का निर्माण लगभग पूरा होने की कगार पर है। पानी बढ़ा है मगर अभी खतरा नहीं है।