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थाने में फरियादियों को मिलती फटकार

Thu, 09 Jul 2015 11:03 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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सरकार व पुलिस महानिदेशक के तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद थानों पर पुलिस की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ रहा है। पुलिस थानों पर आने वाले फरियादियों को धमकाने, थाने पर पहले कुछ देर के लिए बैठाने व जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देने के अपने पुराने टरकाऊ ढर्रे को छोड़ नहीं रही है। अमर उजाला की पड़ताल में पुलिस की कार्यशैली की पोल खोलते आधा दर्जन मामले सामने आए हैं।
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पुलिस मित्र बनने को तैयार नहीं है। थानों में पुलिस का व्यवहार आम जन के प्रति भी अच्छा नहीं है। थानों पर जाने वाले पीड़ितों को ही पहले पुलिस थाने में बैठा लेती है। तहरीर लेकर जाने वालों को सबसे पहले पुलिस की डांट सुननी पड़ती है।

इसके बाद पुलिस ऐसा भी नहीं कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच करे। ऐसा न होने से कई बार विवाद बढ़ने व हत्या होने जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं। अपहरण आदि के मामले में तो पुलिस का रवैया और खराब है। पुलिस कह देती है कि जाओ तलाश करो, कहीं गया होगा, लौट आएगा।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के राजेंद्र प्रसाद की पत्नी को देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिसई का रहने वाला एक व्यक्ति बहला-फुसला कर भगा ले गया है। इस मामले में राजेंद्र कई दिनों से चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है। गुरुवार को वह थाने में तहरीर देने आया था। थाने में हलका दरोगा रवींद्र यादव ने राजेंद्र के काफी मिन्नत के बाद तहरीर ली। लेकिन उन्होंने इस पर दीवान को मामला दर्ज कर एफआईआर की कॉपी पीड़ित को दिलाने के बजाय यह कह कर वापस कर दिया कि जाओ अपनी पत्नी को ढूंढो, हम भी पता लगाते हैं। इस पर वह मायूस होकर थाने से लौट गया।

नगर कोतवाली के मोहल्ला चौक बाजार निवासी रमेश कुमार का मोबाइल चोरी हो गया था। उसकी वह गुरुवार को नगर कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर देने गए थे। वह जैसे ही अंदर दाखिल हुए, बाहर खड़े एक दरोगा ने डांट कर पूछा क्या है। इस पर रमेश डर से कांप गए। तहरीर दिखाई तो दरोगा ने कहा, अंदर ले जाओ। इसके बाद रमेश कोतवाली में हेडमोहर्रिर के कमरे में जाता, इससे पहले एक सिपाही ने इशारे में तहरीर मांगी और देखने के बाद कहा कि मोबाइल खो गया है तो इसका क्या सुुबूत है। पहले जाओ कचहरी से बयान हल्फी बनवाकर लाओ, मुंह उठाए सीधे चले आए हो। दो बार घुड़की मिलने के बाद रमेश ने वापस लौटने में ही अपनी भलाई समझी और वह बिना मामला दर्ज कराए घर लौट गया।


सभी पुलिस अधिकारियों व थानों को सख्त हिदायत दी गई है कि फरियादियों से पुलिस कर्मी अच्छा व्यवहार करें। साथ ही मामलों की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश हैं। मनमानी करने वाले पुलिस कर्मियों की शिकायतों की जांच कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। - आरपीएस यादव, पुलिस अधीक्षक गोंडा
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