बीते दिनों हुए पंचायत चुनाव की रंजिश अब मुखर होने लगी है। मंगलवार को उतरौला कोतवाली में आए पीड़ित ने नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य व उनके समर्थकों पर कोतवाली परिसर में पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों का चालान कर दिया है। कोतवाल ने कोतवाली परिसर में मारपीट होने की घटना से इंकार किया है।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शाहपुर इटई निवासी कर्ताराम ने बताया कि गांव के ही राम बिलास आदि से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है।
राम बिलास का समर्थन क्षेत्र के नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य आबिद कर रहे हैं। कर्ताराम के मुताबिक बीते दिनों राम बिलास आदि ने रास्ते के लिए उनका मकान गिरा दिया था तथा मारपीट भी की थी।
कर्ताराम ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में परिवार सहित अनशन कर न्याय की गुहार लगाई थी। बुधवार को पुलिस मामले की छानबीन के लिए गांव में पहुंची तो दोनों पक्षों में फिर विवाद हो गया।
पुलिस कर्ताराम व राम बिलास आदि को कोतवाली ले आई। कर्ताराम का कहना है कि कोतवाली पहुंचे राम बिलास के समर्थक जिला पंचायत सदस्य आबिद ने उन्हें पुलिस के सामने मारा-पीटा।
इस बात को लेकर आबिद व पुलिस वालों में नोंक-झोंक भी हुई। वहीं दूसरी तरफ इस संबंध में आबिद ने बताया कि वह कोतवाली में राम बिलास की पैरवी करने गए थे।
आबिद का कहना है कि उन्होंने कर्ताराम के साथ अभद्रता व मारपीट नहीं की। कर्ताराम द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं।
कोतवाल राज कुमार यादव ने बताया कि कोतवाली परिसर में कोई मारपीट नहीं हुई है। मामले में कर्ताराम तथा राम बिलास सहित आठ लोगों का शांतिभंग की आशंका के तहत चालान किया गया है।