उतरौला तहसील के दो ब्लॉकों के सैकड़ों गांवों पर बाढ़ से भारी तबाही का खतरा मंडराने लगा है। भारी बरसात में आने वाली बाढ़ से सैकड़ों गांवों के तबाह होने की आशंका से लोग परेशान हैं। श्रीदत्तगंज ब्लॉक के चंदापुर गांव में बाढ़ के दौरान राप्ती नदी के पानी को रोकने के लिए बनाए गए बांध की मरम्मत तीन साल से नहीं कराई गई है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते समय से तटबंध की मरम्मत न होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने डीएम से तटबंध की मरम्मत कराने के लिए मांग की है।
उतरौला तहसील क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य चंद्रप्रकाश पांडेय, आजाद सिंह, रामसंवारे, रामसुंदर, गुरुप्रसाद सिंह, बलवीर सिंह, वसीम, सूर्यभान मिश्र, राजेश चौरसिया आदि ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम चंदापुर में राप्ती नदी की बाढ़ रोकने के लिए कई साल पहले बांध का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2013-14 में भारी बाढ़ की तबाही से करीब 500 मीटर बांध का तटबंध कटकर क्षतिग्रस्त हो गया था।
तत्कालीन डीएम केवी पांडियन ने गांव का दौरा कर ड्रेनेज खंड के अधिकारियों को तत्काल बांध का निर्माण कराने का निर्देश दिया। मगर ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने तीन साल बाद भी क्षतिग्रस्त तटबंध का निर्माण नहीं कराया। ऐसे में बाढ़ आने पर श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम भिटौड़ी, चंदापुर, मनियरिया, लारम, मरमे, मझारी बाछिल, घाट खम्हरिया, बंजरहा, बाघाजोत, बायभीट सहित करीब 50 गांव तबाह हो जाएंगे।
यही नहीं उतरौला ब्लॉक के भी करीब 50 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित होंगे। इन गांवों को तबाही से बचाने के लिए बरसात से पहले 500 मीटर बांध की मरम्मत कराना अनिवार्य है।
ड्रेनेज खंड सिद्घार्थनगर के सहायक अभियंता अभिमन्यु सिंह राम का कहना है कि तत्कालीन डीएम केवी पांडियन के निर्देश पर श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम चंदापुर गांव में करीब 500 मीटर तटबंध का निर्माण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था।
शासन स्तर से प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया। बजट नहीं मिलने के कारण तटबंध की मरम्मत नहीं कराई जा सकी। कई गांवों पर बाढ़ के समय होने वाले खतरे को ध्यान में रखकर तटबंध की मरम्मत कराने के लिए फिर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर तत्काल तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी।