गोंडा। राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की कर्मस्थली जयप्रभा ग्राम में 2.15 करोड़ से बन रहे जनजाति छात्रावास के निर्माण में घपले की जांच टीम ने शुरू कर दी है। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने जांच के लिए उपजिलाधिकारी सदर वीर बहादुर यादव, पीडब्ल्यूडी के प्रातीय खंड के एक्सईन देवेन्द्र मणि व सिडको के एक्सईन की टीम बनाई है।
शुक्रवार को टीम के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पीडब्ल्यूडी की टीम ने गुणवत्ता की जांच के लिए जयप्रभा ग्राम जाकर भवन निर्माण की स्थिति को देखा।
जयप्रभा ग्राम में पंडित दीनदयाल शोध संस्थान में थारू जनजाति के बच्चों के लिए स्कूल का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने संस्थान के परिसर में ही 50 छात्रों के लिए आवास निर्माण की घोषण की थी और इसी साल योजना की मंजूरी भी मिल गई। 2.15 करोड़ की लागत से छात्रावास का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड पैक्सफेड करा रहा है। निर्माण में गुणवत्ता का मामला सामने आने पर लखनऊ से अमर उजाला ने खबर प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश दिए गए थे।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने बताया कि जांच के लिए कमेटी को जांच करने के आदेश दिए गए हैं । उन्होंने टीम से जांच रिपोर्ट मांगी है। अभी उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली है, जांच चल रही है। जांच के लिए बनी कमेटी में शामिल पीडब्लूडी के एक्सईन देवेन्द्र मणि ने बताया कि शुक्रवार को सहायक अभियंता की टीम ने मौके पर जाकर जांच की है।
निर्माण हो रहा है, करीब 68 लाख रुपये का बजट भी तक खर्च हुआ है। जांच के दौरान भवनों की स्थिति और मैटीरियल की जानकारी की गई है। सैंपल भी लिए गए हैं और पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बताया कि जांच की रिपोर्ट तैयार कर सीमित के साथ बैठक होगी। इसके अलावा कार्यदायी संस्था से निर्माण से जुड़ी जानकारियां भी ली गई हैं। उधर सीडीओ आशीष कुमार ने बताया कि जांच के लिए टीम के सदस्यों को निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी अपनी संस्तुति भेजेंगे।
चार महीने में खर्च किए 68 लाख, अब जांच के घेरे में
50 छात्रों के छात्रावास के निर्माण को चार महीने बीतने को है। इसमें प्रथम तल के दीवारों तक का कार्य हो चुका है। करीब 68 लाख रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। संस्था को निर्माण के लिए पूरा बजट मिल चुका है। अभी जांच चल ही रहा था कि सीएम कार्यालय ने जांच बैठा दी है। अब यह परियोजना जांच के दायरे में है। बताया जा रहा है कि जांच के लिए अभी कमेटी बनी है, लेकिन इसके साथ ही गोपनीय जांच भी हो रही है।
छात्रावास के निर्माण के जांच की रिपोर्ट मांगी है। टीम ने जांच की है और जल्द ही रिपोर्ट मिल जाएगी। जांच में जो मामला सामने आएगा उसकी रिपोर्ट सीएम कार्यालय को उपलब्ध करा दी जाएगी। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
शासन के आदेश पर छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जांच के लिए टीम बनी है, संस्था की ओर से कोई कमी निर्माण में नही की गई है। शोध संस्थान के लोगों की निगरानी में निर्माण हो रहा है। -संतोष पांडेय, एक्सईन पैक्सफेड