मोतीगंज/मुजेहना (गोंडा)। इटियाथोक के बेलवा बहुता में सरयू नहर पुल पर रविवार को हुए हादसे के वक्त बोलेरो (एसयूवी) 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में थी। हादसे में बचे रामललन का कहना है कि चालक सीतासरन को वह बार-बार टोक रहे थे। मगर, उसने स्पीड नहीं कम की। इसी बीच मोड़ पर बोलेरो बेकाबू होने से हादसा हो गया। गाड़ी में तुरंत पानी भरने से कोई संभल नहीं पाया।
रामललन का कहना है कि अगर चालक उनकी बात मान लेता तो इतना बड़ा हादसा न होता। उधर, चालक सीतासरन कहना है कि बारिश के चलते वह धीमी गति से चल रहे थे। 90 डिग्री का मोड़ होने की वजह से गाड़ी बेकाबू हो गई थी।
रामललन ने कहा कि हादसे में पत्नी संजू व साली अंजू उर्फ गुड़िया की जान चली गई। वह हादसे का मंजर भुला नहीं पा रहे हैं। उनकी ससुराल राजापुर परसौरा में घटना के तीसरे दिन मंगलवार को भी चूल्हा नहीं जला। बुजुर्ग सास कमला देवी दोनों बेटियों की मौत पर बिलख रही हैं। सात बेटियों में सबसे छोटी अंजू ही कमला देवी के बुढ़ापे का सहारा बनी थीं। अंजू ही उनकी देखभाल करती थीं। दो बेटियों की मौत पर रोते-रोते कमला देवी की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टर को बुलाना पड़ा। परिजनों ने बताया कि परिवार के लोग बाइकों से पृथ्वीनाथ मंदिर जाने की तैयारी में थे। बाद में मंदिर जाने वालों की संख्या बढ़ गई तो काजल ने गाड़ी बुक करा ली थी। सभी लोग खुश थे। मगर हादसे से खुशियां मातम में बदल गईं।
भाई से लिपटकर रोती रहीं बहन
प्रहलाद के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। मंगलवार को बलरामपुर के उतरौला चमरूपुर बाजार निवासी बहन जामवंती मायके पहुंचीं और भाई प्रहलाद से लिपटकर रोती रहीं। भाई-बहन को बिलखते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। रिश्तेदारों व अन्य लोगों ने भाई-बहन को संभाला। मगर उनकी आंखों के आंसू नहीं थम सके।
बंद रहीं दुकानें, स्कूल भी नहीं खुला
मोतीगंज (गोंडा)। सरयू नहर में बोलेरो गिरने से 12 लोगों की मौत के बाद मंगलवार को तीसरे दिन भी नरायनगंज चौराहे की दुकानें बंद रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े हादसे के बाद कुछ हिम्मत नहीं पड़ रही है।
हादसे में जान गंवाने वाली काजल निजी स्कूल में प्रधानाचार्य थीं। उनकी मौत के बाद से स्कूल बंद है। संचालक कप्तान अली ने बताया कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। काजल की मौत से विद्यालय परिवार शोक में डूबा है।
मंगलवार को घटना के तीसरे दिन मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, बीजेपी जिला कार्यसमिति सदस्य बब्बू सिंह विसेन, छोटे बाबा, राधामोहन पांडेय, सुशील शुक्ल, बबलू मिश्र समेत बड़ी संख्या में लोग प्रहलाद व रामललन के घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना दी।
औपचारिकता के बाद भेजी गई आर्थिक मदद
मलारी के राजस्व निरीक्षक रमेश तिवारी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले रामकरन, सौम्या, अनुसूइया और शुभ की आश्रित बुजुर्ग दयावती के खाते में 16 लाख, दुर्गेश नंदिनी, रचना और अमित के परिजन रामरूप के खाते में 12 लाख, बीना, काजल व महक के परिजन प्रहलाद के खाते में 12 लाख और अंजू की मां कमला देवी और संजू के पति राम ललन को चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद मुहैया कराई गई है। हादसे में घायल हुए सीतासरन, सत्यम, पिंकी और रामललन को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी पीड़ितों को खाते में आर्थिक मदद की राशि भेज दी गई है। तकनीकी खामियों के चलते कुछ खातों में पैसा पहुंचने में देरी हुई है।
इटियाथोक थाने में खड़ी बोलेरो
हादसे के बाद पुलिस ने बोलेरो को कब्जे में ले लिया था। थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। रेहरा निवासी तन्नो प्रजाप्रति, राजू तिवारी, राहुल वर्मा और मनीराम चौरसिया आदि का कहना है कि सरयू नहर पुल पर और हादसे न हों, इसके लिए प्रशासन को घटनास्थल पर रेलिंग समेत जरूरी सुधार कराने चाहिए।