झंझरी (गोंडा)। एक दुकानदार के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों का लेनदेन किया गया। आयकर विभाग ने 15 करोड़ 11 लाख 14 हजार 935 रुपये का नोटिस भेजा तो दुकानदार के होश उड़ गए। कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
देहात कोतवाली के इमलिया खोरहसा निवासी राधेश्याम की जमुनिया बाग में दुकान है। राम कृपाल सिंह निवासी बिरवा बभनी थाना मोतीगंज और राजेश गौड़ से उनकी दोस्ती हो गई थी। दोनों ने लोन दिलाने के नाम पर उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और कुछ अन्य कागजात लिए। उनसे हस्ताक्षर भी कराए। बाद में बताया कि लोन नहीं हो सका। इसके बाद राधेश्याम की जानकारी के बिना ही श्रीराम ट्रेडिंग कंपनी इमलिया गुरुदयाल नवीन गल्ला मंडी के नाम पर एक फर्म बनाकर वाणिज्य कर विभाग में पंजीकरण करा लिया। जीएसटी बनाकर लेनदेन करने लगे। बीते 13 मार्च को आयकर विभाग ने राधेश्याम को जीएसटी जमा के लिए नोटिस भेजा। जिसमें 15 करोड़ 11 लाख 14 हजार 935 रुपये बकाया दिखाया गया। देहात कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि दो नामजद समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।