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Gonda News: रेलवे में बढ़ सकता है भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का दायरा

Thu, 14 Nov 2024 01:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा में सीबीआई की गिरफ्त में आये सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरुण कुमार मिश्रा।
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गोंडा। पूर्वोत्तर रेलवे में घूसखोरी का मामला सामने आने के बाद सीबीआई की निगाह रेलवे पर टिक गई है। असल में जिस शिकायत पर सीबीआई ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर अरुण कुमार मिश्रा की गिरफ्तारी की है, उसमें बड़े भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं। कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की जांच के आसार बढ़ गए हैं। अभी डिपो का प्रभार जूनियर इंजीनियर दीपक वर्मा को सौंप दिया गया है।
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माना जा रहा है कि भले ही सीनियर सेक्शन इंजीनियर रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ है। लेकिन रेलवे में ठेकेदारों से सांठगांठ लंबे समय से चल रही है। इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ना तय माना जा रहा है। सीबीआई के बाद रेलवे की टीम भी पड़ताल करने किसी भी दिन आ सकती है। लंबे समय से गोंडा सबडिवीजन चर्चा में बना हुआ है।
सोमवार को सीबीआई ने दर्ज किया था केस

बुधवार को गोंडा में कार्रवाई से पहले सोमवार को सीबीआई ने लखनऊ में केस दर्ज किया था। आरोप है कि रेलवे अधिकारी पीड़ित ठेकेदार राहुल तिवारी से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रेलवे डिपो से सामग्री लोड करने के लिए प्रति टन 100 रुपये की दर से डिमांड रखी थी। पिछले दो महीनों में लगभग 500 टन रेलवे सामग्री लोड की गई। शिकायतकर्ता के काम में लगातार बाधा डाली जा रही थी। रिश्वत न देने पर चल रहे टेंडर को रद्द करने की धमकी भी दी जा रही थी। सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। बृहस्पतिवार को लखनऊ स्थित सीबीआई (भ्रष्टाचार निवारण) की विशेष अदालत में उसे पेश किया जाएगा।
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पहले भी सीबीआई कर चुकी है रेलवे में जांच
रेलवे में सीबीआई का छापा कोई नया नहीं है। 14 मार्च 2022 को रेलवे के लोको शेड में सीबीआई ने जांच किया था। बताया गया था कि छापा लोको शेड के मोटर ट्रैक्शन एरिया में पड़ा था। तब मोटर ट्रैक्शन की नीलामी में अनियमितता की शिकायत हुई थी। इसके बाद अब फिर सीबीआई की धमक से रेलवे में खलबली मची है।
शहर के बड़गांव डाकघर में सीबीआई ने की थी कार्रवाई

बीते 06 जुलाई 2023 को सीबीआई ने शहर के बड़गांव डाकघर में छापा मारा था, जिसमें एंटी करप्शन विंग ने पोस्ट मास्टर राजाराम यादव को 12,500 रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था। उस समय पोस्ट मास्टर के घूसखोरी की शिकायत रानीबाजार के वीरेंद्र गुप्त ने सीबीआई से की थी।
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