मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय मधईपुर कुर्मी में पढ़ाई करते छात्र। - संवाद
गोंडा। वीरों की बहादुरी और बलिदान की कहानियां अब जिले के हर स्कूल के विद्यार्थियों तक पहुंचेंगी। वीर गाथा प्रोजेक्ट 6.0 के तहत छात्र-छात्राएं वीरता पुरस्कार विजेताओं के जीवन और साहसिक कार्यों पर कविता, निबंध, कहानी, पेंटिंग और मल्टीमीडिया प्रस्तुति तैयार करेंगे। इस पहल के जरिये बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच दिया जाएगा।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने जिले के सभी विद्यालयों को प्रोजेक्ट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्धारित समय सारिणी के अनुसार गतिविधियां पूरी कराने और प्रगति की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वीर गाथा प्रोजेक्ट रक्षा और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसके छठे संस्करण में कक्षा तीन से पांच और कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग विषय और गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। विद्यार्थी वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वालों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करेंगे।
विद्यार्थियों की भागीदारी के लिए मायगॉव प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। प्रतियोगिता में जिला और राज्य स्तर पर विजेताओं का चयन होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए विद्यार्थियों को शिक्षा और रक्षा मंत्रालय संयुक्त रूप से सम्मानित करेंगे। बीएसए ने एसआरजी, एआरपी और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विद्यार्थियों तक प्रोजेक्ट की जानकारी पहुंचाने और उनकी भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।