चकसड़ गांव में हाथ से उखड़ रही तीन दिन पहले बनी सड़क। स्रोत: वीडियोग्रैब
गोंडा। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-एक की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 11 वर्ष बाद 29 लाख रुपये की लागत से बनी 1.6 किमी लंबी सड़क महज तीन दिन में ही उखड़ने लगी, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
चकसड़ ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि शिवम तिवारी ने बताया कि गोंडा-मनकापुर मार्ग से चकसड़ बरईपुरवा मार्ग का निर्माण करीब तीन महीने पहले शुरू हुआ था। हाल ही में कार्य पूरा हुआ, लेकिन सड़क से गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। कई जगह डामर के बीच घास तक उग आई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तारकोल की जगह काले रंग का केमिकल डाला गया है। करीब 600 मीटर तक बिना पत्थर डाले ही डामर डालकर सड़क बना दी गई।
अधिशासी अभियंता सुरेश राम ने बताया कि जांच के लिए मौके पर टीम भेजी गई है। वहीं, जेई अश्वनी सिन्हा ने जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इन्कार किया है।
गुणवत्ता पर पहले भी उठे हैं सवाल
पीडब्ल्यूडी की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। निर्माण खंड-दो के लहदोवा-कमड़ावा मार्ग का वीडियो वायरल होने के बाद दोबारा डामरीकरण कराना पड़ा था।
फोरलेन निर्माण की तैयारी
कचहरी रेलवे स्टेशन से मंडलीय कारागार और मेडिकल कॉलेज बादशाह बाग चौराहे तक फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह के अनुसार, दोनों ओर सात-सात मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी और डिवाइडर के साथ ही फुटपाथ भी बनाया जाएगा।