ऐली परसौली गांव में भरा बाढ़ का पानी व हनुमान रथ से बांटे गए राहत सामग्री के पैकेट। संवाद
विश्नोहरपुर/करनैलगंज। सरयू का जलस्तर भले ही घट रहा हो लेकिन नदी की धारा किसानों की मुश्किल बढ़ा रही है। पानी कम होते ही कटान का खतरा बढ़ गया है।
एल्गिन ब्रिज पर शनिवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 106.120 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। इसी अवधि में कुल डिस्चार्ज भी 3,16,926 क्यूसेक से घटकर 3,12,327 क्यूसेक रह गया।
दत्तनगर के रामसजीवन ने बताया कि मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। एक छप्पर ही अब परिवार का सहारा है। साकीपुर के अहिरन टाड़ी में तेज बहाव से चौराहे की सड़क कट गई है। इससे आवागमन में दिक्कत बनी हुई है। ब्योंदा माझा में बाजार से गांव जाने वाली सड़क से पानी हटने लगा है। गंगाराम यादव ने बताया कि मजरों से पानी पूरी तरह हटने में अभी दो-तीन दिन लग सकते हैं। दीनानाथ ने बताया कि पशुओं के चारे की समस्या अब भी बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित ब्योंदा ग्राम पंचायत में प्रशासन को उपलब्ध कराए गए हनुमान रथ से राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए गए। वितरण में क्षेत्रीय लेखपाल गौरव गांधी और दत्तनगर के लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा मौजूद रहे। एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की पूरी नजर है। टीमें काम कर रही हैं।
ऐली परसौली गांव में भरा बाढ़ का पानी व हनुमान रथ से बांटे गए राहत सामग्री के पैकेट। संवाद