जर्जर पुल से बरात की बस पलटने को लेकर भाकियू ने शनिवार को नहर पुल पर जाम लगा दिया। भाकियू ने शासन-प्रशासन पर पुल निर्माण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। भाकियू का कहना है कि कई बार मांग करने के बावजूद पुल का निर्माण नहीं कराया गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। भाकियू कार्यकर्ताओं ने हादसे में जान गंवाने वाले बालू सिंह के परिवार को बीस लाख रुपये व घायलों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार की रात गोंडा-खैर मार्ग पर गांव नयावास स्थित हाथरस ब्रांच के जर्जर पुल से बरात की बस नहर में गिर गई थी। इसमें एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं तथा 15 लोगों को चोटें आई थी। घटना की सूचना पर शनिवार की सुबह लोगों की भीड़ नहर पुल पर लग गई। जेसीबी की मदद बस को किनारे पर खींच लिया गया। गनीमत रही कि नहर में पानी अत्यधिक नहीं था अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।
शनिवार की दोपहर करीब एक बजे भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील अध्यक्ष कैप्टन हरपाल सिंह के नेतृत्व सामानांतर नहर पुल पर जाम लगा दिया। कैप्टन हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार एक अदद पुल का निर्माण नहीं करा पा रही है, आए दिन हादसे हो रहे हैं, अस्थायी पुल बनाकर विभाग ने अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली।
जाम की सूचना पर तहसीलदार इगलास सौरभ यादव व थाना प्रभारी उमेश चंद्र शर्मा मौके पर पहुंच गए। किसानों ने कहा कि अगर जल्द पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अधिकारियों ने जल्द निर्माण का भरोसा देते हुए किसानों को शांत करा दिया। डेढ़ घंटे बाद जाम खोल दिया गया।
इस मौके पर टोडर सिंह, हरीराज सिंह, मनोज कुमार, महावीर दास, सुभाष चंद, रोशनलाल गौतम, राजवीर सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, बिजेंद्र सिंह, राकेश प्रधान, अवनीश अब्बासी, धर्मेंद्र सिंह, सोहन सिंह, बाजीलाल, होती सिंह, ओमवीर सिंह, करतार सिंह, अमरपाल सिंह, जवाहर सिंह, राजकुमार, लेखराज सुखपाल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।
हाथरस सांसद व इगलास विधायक ने किया था पुल का निरीक्षण
नहर पुल करीब चौदह माह पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था। हाथरस सांसद ने निरीक्षण किया था। इलगास विधायक ने पुल निर्माण को लेकर लखनऊ तक की दौड़ लगाई लेकिन नतीजा सिफर रहा। विभाग ने मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर चार मीटर चौड़ा दस टन वजनी अस्थाई पुल बनाकर इतिश्री कर ली। अमर उजाला ने पुल निर्माण की मांग से लेकर किसानों और राहगीरों को होने वाली समस्या को लगातार प्रकाशित किया था।
विभाग की अनदेखी के कारण गांव हृदय नगरिया निवासी बुजुर्ग बालू सिंह उम्र 70 वर्ष की जान चली गई। वहीं गांव निवासी युवराज सिंह, मोंटू, विपिन गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार नर्सिंग होम में चल रहा है। वहीं घटना में हेमराज, डिप्टी सिंह, गोपाल सिंह, श्रीचंद, निहाल सिंह, राकेश, संजय, आशू, सागर, धर्मेंद्र, अजय, सुमित, श्यामलाल, सुमित कुमार, अभांशू चोटिल हो गए। मृतक बालू सिंह का शव पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने परिवार को सौंप दिया। जिनका शनिवार देर सांय अंतिम संस्कार कर दिया गया।