गोंडा। रिक्शा चालक की दुष्कर्म पीड़िता सात साल की मासूम बेटी को डीआईजी की पैरवी से 60 दिनों में न्याय मिल गया। अदालत ने पीड़ित बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 14 साल की कैद व 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
डीआईजी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि देवीपाटन परिक्षेत्र स्तर पर पॉक्सो एक्ट के विभिन्न मुकदमों की पैरवी वह स्वयं कर रहे हैं। बताया कि पॉक्सो एक्ट के चिन्हित 10 मुकदमों में से कोतवाली नगर में दर्ज एक मुकदमें की पैरवी शुरू की गई थी। कोतवाली नगर क्षेत्र के एक गांव में 20 नवंबर 2017 को एक रिक्शा चालक की 7 साल की मासूम बेटी के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया था।
इस मुकदमे में अपर सत्र न्यायालय प्रथम ने अभियुक्त लक्ष्मण पुत्र अईन निवासी अड़गड़ापुर थाना वीरपुर जनपद भागलपुर बिहार को गुरुवार को 14 साल के कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। डीआईजी ने बताया कि पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म के अन्य मामलों की भी पैरवी की जा रही है।