मुंबई में अन्ना हजारे के साथ वजीरगंज के ग्राम प्रधान सुशील जायसवाल व अन्य।
वजीरगंज। महाराष्ट्र की पंचायतें कूड़े से आमदनी कर रही हैं। अगर नगर निकायों की तरह पंचायतों के लिए नीति बने तो यहां भी पंचायतें बेहतर काम कर सकती है। ये बातें पांच दिन के एक्सपोजर विजिट से लौटे वजीरगंज ग्राम प्रधान सुशील कुमार जायसवाल ने कही।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पंचायतों का अनुभव उनके लिए एक बेहतर अवसर की तरह है। बताया कि एक्सपोजर विजिट के दौरान इंदौरी, तलेगांव, लोणीकंद, रालेगण सिद्धि आदि पंचायतों का भ्रमण किया। इस दौरान रालेगण सिद्धि में प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे से मुलाकात की। प्रसिद्ध समाजसेवी ने संघर्ष व त्याग की सीख दी।
बताया कि वहां की पंचायतें गृह व जलकर से समृद्धि की पटकथा लिख चुकी हैं। इसके साथ ही विधायक निधि से भी पंचायतों को सहयोग दिया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। पंचायतें खुद आत्मनिर्भर हो चुकी है। उन्हें किसी अतिरिक्त बजट की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। खुद अपने पंचायतों को जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। वहां से लौटने के बाद ग्राम प्रधान ने सकारात्मक ऊर्जा के लिए मूलमंत्र ओम इग्नोराय नम: का मंत्र ग्रहण किया है। वहीं, लोनावला म्युनिसिपल काउंसिल का भ्रमण किया है। महाराष्ट्र के एक्सपोजर विजिट से अपनी पंचायत को भी बेहतर बनाने के लिए जरूरी प्रयास करेंगे।