गोंडा जिले की सीमा पर पहुंचे परिक्रमार्थी। - संवाद
पसका (गोंडा)। अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा कर रहे साधु-संतों ने शनिवार को नाव से सरयू नदी पार कर गोंडा की सीमा में प्रवेश किया। परसपुर ब्लाॅक के बहुवन मदार माझा के देवीगंज में साधु-संतों का ग्रामीण भूलन सिंह, मुन्नी देवी आदि ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। दुलारे बाग में पहले पड़ाव के बाद शनिवार सुबह श्रीराम नाम संकीर्तन करते भगवा ध्वज लहराते हुए परिक्रमा यात्रा दूसरे पड़ाव जंबूद्वीप तीर्थ पर संतों ने डेरा डाला। सरयू नदी में स्नान, ध्यान, पूजा व संकीर्तन किया। यहां गोपाल चतुर्वेदी, हनुमान दूबे, देवी शुक्ला, राधेश्वर तिवारी आदि ग्रामीणों ने फूल-माला पहनाकर साधु-संतों का स्वागत किया।
विश्व हिंदू परिषद हनुमान मंडल के तत्वावधान में परिक्रमा की अगुवाई कर रहे सुरेंद्र सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। संतों ने राष्ट्र में अमन-चैन व शांति की कामना की। उन्होंने कहा, अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड के 600 साधु-संत शामिल हैं। उन्होंने परिक्रमा परिक्षेत्र के पौराणिक स्थल जंबूद्वीप तीर्थ को प्रस्तावित परिक्रमा मार्ग से जोड़ने की सरकार से मांग की।
बिहार के बेगूसराय की सीता देवी व रेखा देवी ने बताया कि वह पहली बार परिक्रमा में शामिल हुई हैं। मध्य प्रदेश के रायगढ़ की 16 वर्षीय सलोनी ने बताया कि वह अपने दादा-दादी के साथ पहली बार परिक्रमा के लिए आई हैं। साधु-संतों के साथ यात्रा करना सुखद अनुभव है।