सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आए वृद्ध की खतौनी लगाकर एक व्यक्ति ने बैंक से एक लाख 80 हजार रुपये का लोन ले लिया। वसूली के दौरान बैंक को धोखाधड़ी की जानकारी हुई। आरोपी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ठेके पर ली गई गाड़ी चलाता है। बैंक प्रबंधक ने नगर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
नगर कोतवाल मधुर मिश्रा ने गुरुवार को बताया कि कोतवाली में दी तहरीर में एक्सिस बैंक बलरामपुर के प्रबंधक नीरज सिन्हा ने कहा है कि 20 नवंबर 2014 को भगवतपुर निवासी ठाकुर प्रसाद के नाम बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड की मंजूरी की गई।
केसीसी पर एक लाख 80 हजार रुपये ठाकुर प्रसाद के नाम से आहरित कर लिए गए। 20 सितंबर 2015 को जब बैंककर्मी ऋण की वसूली के लिए ठाकुर प्रसाद के घर पहुंचे तो पता चला कि ठाकुर प्रसाद 62 वर्ष के वृद्ध तथा बीमार हैं। ऋण प्रपत्रों पर लगी फोटो भी ठाकुर प्रसाद की नहीं थी।
छानबीन की गई तो पता चला कि ऋण प्रपत्र पर लगे फोटो रमेश चंद्र द्विवेदी निवासी नीलकोठी अचलापुर बलरामपुर के है। रमेशचंद्र जिला क्षय रोग विभाग में ठेके पर लगी प्राइवेट गाड़ी चलाता है।
ठाकुर प्रसाद इलाज कराने आए थे। उसी दौरान रमेशचंद्र ने ठाकुर प्रसाद की खतौनी व अन्य आवश्यक कागजात ले लिये थे और बैंक ऋण पत्रावली ठाकुर प्रसाद के नाम पर खुद का फोटो लगाकर 1.80 लाख रुपये निकाल लिए।
बैंक अधिकारियों ने जब दबाव बनाया तो रमेशचंद्र ने 58 हजार रुपये जमा कर दिए और बाकी एक लाख 22 हजार रुपये की राशि जमा करने से इंकार कर दिया।
कोतवाल ने बताया कि शाखा प्रबंधक की तहरीर पर रमेशचंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें संस्थान की तरफ से किसी तरह का बयान देने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।