उमरीबेगमगंज/पसका (गोंडा)। उमरीबेगमगंज के डिक्सिर पूरेतिलक धन्नीपुरवा निवासी शिवदीन (22) की 24 अप्रैल को हुई हत्या के बाद दहशत में जी रहे लोगों के चेहरे पर बृहस्पतिवार को थोड़ा सुकून दिखाई दिया। भाई को खोने के बाद बहन के आंसू नहीं थमे। कलेजे के टुकड़े के लिए मां भी बिलख रही है। वह बोलीं कि बेटे बिना अब आगे कैसे जी पाऊंगी? बृहस्पतिवार को एसपी विनीत जायसवाल की पत्नी व वामा सारथी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. तन्वी जायसवाल पीड़ित के घर पहुंचीं।
वह मां-बहन के आंसू देखकर वह खुद व्यथित हो गईंं। उन्होंने शिवदीन की मां व बहन से बात की। पीड़ित परिवार के आंसू पोछे। शिवदीन की मौत की वजह से उसकी बहन की 5 मई को होनी वाली शादी टल गई थी। अब 5 जून को शादी होगी।
डॉ. तन्वी ने परिवार को डेढ लाख रुपये की आर्थिक सहायता व शादी में उपयोग हाेने वाला सामान दिया। साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा दिया। शिवदीन की मां शकुंतला देवी ने कहा कि जिस तरह से बदमाशों ने मेरे निर्दोष बेटे को मारा, वह इसी तरह की सजा के हकदार थे। एनकाउंटर में दोनों बदमाश ज्ञानचंद पासी और सोनी पासी को ढेरकर पुलिस ने न्याय किया।
देर है अंधेर नहीं
ज्ञानचंद्र गिरोह ने वर्ष 2002 में लश्करी यादव की हत्या कर दी थी। मुठभेड़ में ज्ञानचंद्र की मौत के बाद लश्करी यादव की पुत्रवधु मिथलेश ने कहा कि ईश्वर के घर देर है, अंधेर नहीं।
यह था मामला
बदमाश शिवदीन के घर में चोरी की नियत से घुसे थे। इसके बाद सामान लेकर जा रहे थे। इसी बीच शिवदीन एक बदमाश से भिड़ गया। पकड़ने का प्रयास किया तो बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान बुजुर्ग रामयज्ञ ने भी बदमाशों से लोहा लिया था। पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि तीन को पकड़ा था। इसमें से दो के पैर में गोली लगी थी।
बदमाश के घर पसरा रहा मातम
बदमाश ज्ञानचंद पासी जरायम की दुनिया में 29 साल तक तूती बोलती रही। करीब 72 मुकदमे दर्ज होने के बावजूद भी जरायम की दुनिया में सक्रिय रहकर हत्या, लूटपाट, डकैती जैसे गंभीर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देता रहा। बृहस्पतिवार को एनकाउंटर में मौत के बाद परसपुर के नया पुरवा में उससे घर पर मातम पसरा रहा। पत्नी समेत परिजन रोते नजर आए। बाराबंकी नगर कोतवाल रामकिशन ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराया गया है। बदमाश के परिजनों को शव ले जाने के लिए सूचना दी गई है। हालांकि देरशाम तक कोई नहीं पहुंचा है। परसपुर इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह का कहना है कि परिजनों को सूचना दी गई है। मगर देर शाम तक शव को लेने के लिए कोई जवाब नहीं मिला है।