गोंडा। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र पर मामले नहीं सुलझ पा रहे हैं। रविवार को कुल 38 में से महज एक मामले में ही किसी तरह सुलह-समझौता हो पाया। अलग-अलग कारणों के चलते पांच पत्रावलियां बंद करनी पड़ीं। सुनवाई में परामर्शदाताओं के सामने 21 जोड़े शामिल हुए।
परिवार परामर्श केंद्र पर वरिष्ठ परामर्शदाता गंगाधर शुक्ल, शशि भारती, यशोदानंदन त्रिपाठी, राजमंगल मौर्य, डॉ. उमा सिंह, महिला थाना प्रभारी निरीक्षक अनीता यादव ने दर्जनभर पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में सुनवाई की।
इटियाथोक क्षेत्र निवासी युवक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसकी शादी अनोखी से हुई थी। वर पक्ष ने दोनों पक्षों का खर्च उठाया। उसकी दो साल की बेटी है। मगर दो महीने पहले पत्नी नाराज होकर घर से चली गई। इसके बाद घर ले जाने के लिए ससुरालीजन प्रयास करते रहे। बावजूद इसके पत्नी व सास टालमटोल करती रहीं।
इसके बाद प्रताड़ना का आरोप लगाकर पत्नी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तो सुलझाने की गुंजाइश को देखते हुए मामले को परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया गया। यहां दोनों पक्षों की समुचित सुनवाई हो पाती, इससे पहले विवाहिता ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
वहीं, एफआईआर की कॉपी लगाकर परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई बंद कर दी गई। उनका कहना है कि पत्नी को सम्मानपूर्वक रखने के लिए राजी हैं। इंस्पेक्टर अनीता यादव ने बताया कि एक मामले को सुलझाया गया जबकि पांच फाइलों में सुनवाई बंद कर दी गई है। इस दौरान कांस्टेबल नेहा सिंह और ज्योति राजभर समेत अन्य मौजूद रहे।
दर्ज कराया दुष्कर्म का मुकदमा, फिर रचाई शादी
परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे कैसरगंज के बहराइच निवासी युवक ने बताया कि नगर कोतवाली इलाके की रहने वाली किशोरी से सोशल साइट के जरिये प्रेम संबंध हो गया। दोनों एक-दूसरे से मिलने-जुलने लगे। शादी से इन्कार किया तो उसके खिलाफ दुष्कर्म समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। जेल से छूटने के बाद किशोरी से शादी कर ली। दोनों से चार महीने का बेटा है। बावजूद इसके विवाहिता लगातार ससुरालियों के खिलाफ शिकायतें कर रही है। सुनवाई के लिए पहुंची विवाहिता ने शौहर को परिवार से अलग रहने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद दोनों पक्ष राजी हो गए।
गर्मी के चलते नहीं पहुंचे जोड़े
इंस्पेक्टर अनीता यादव ने बताया कि सुनवाई के दौरान सिर्फ 21 जोड़े मौके पर पहुंचे। हालांकि बाकी मामलों में दूसरे शहरों में होने के साथ ही गर्मी व बीमारी के चलते लोग सुनवाई में शामिल नहीं हुए। उधर, नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी का कहना है कि विवाहिता की मांग के अनुसार दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि शिकायतकर्ता के अनुरोध के आधार पर सुलझने की स्थिति में मामले को परिवार परामर्श केंद्र भेजा जाता है।