अब एफपीएस आटोमेशन सिस्टम अनाज की कालाबाजारी होने से रोकेगा। इस सिस्टम के तहत लाभार्थी के हिस्से का अनाज कोई दूसरा नहीं ले सकेगा। वहीं, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 5.16 लाख लाभार्थियों का चयन किया गया है। नये सिस्टम से अनाज वितरण होने से करीब छह लाख परिवारों को सीधा लाभ मिल सकेगा।
जिले में अब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थियों को अनाज का वितरण एफपीएस आटोमेशन के माध्यम से किया जाएगा। इससे कोई भी लाभार्थी अनाज पाने से वंचित नहीं रहेगा।
कोई भी व्यक्ति किसी भी दूसरे परिवार के हिस्से का अनाज नहीं ले सकेगा। इस व्यवस्था से अनाज वितरण होने से इस योजना के लाभार्थियों के अनाज की कालाबाजारी नहीं हो सकेगी।
इस योजना में एक यूनिट पर प्रति माह पांच किलोग्राम अनाज दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब तक 5.16 लाख लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है।
चयनित लाभार्थियों की सूची सरकारी वेबसाइट पर डाल दी गई है। इस बाबत डीएम अजय कुमार उपाध्याय की ओर से सभी तहसील के उप जिलाधिकारियों, क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों व ब्लॉक के खंड विकास अधिकारियों के अलावा नगर क्षेत्र ईओ व पूर्ति निरीक्षकों से छूटे लाभार्थियों का सत्यापन कर उनका विवरण अपलोड कर चयन कराने का निर्देश दिया गया है।
एफपीएस आटोमेशन सिस्टम एक कंप्यूटराइज्ड कैमरायुक्त मशीन है। यह सिस्टम उचित दर विक्रेताओं के यहां रखा जाएगा।
हर माह अनाज वितरण के समय राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित लाभार्थी के आने पर उसका सिस्टम पर डिजिटल थंब यानी कंप्यूटर के थंब पैड पर अंगूठे का निशान देना पड़ेगा।
इसके बाद सिस्टम में लगे हाई सेंसर वाले कैमरे के सामने लाभार्थी का आधार कार्ड लगाना होगा। मिनट भर में सिस्टम लाभार्थी के अंगूठे के निशान व उसके आधार कार्ड की सूचनाओं को पढ़ कर यह बता देगा कि लाभार्थी सही है या फिर गलत। मशीन के ओके कर देने पर लाभार्थी को अनाज का वितरण कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित लाभार्थियों को सबसे पहले एफपीएस आटोमेशन सिस्टम के तहत अनाज का वितरण नगर क्षेत्र से शुरू किया जाएगा।
नगर में इस सिस्टम के तहत अनाज वितरण के रिजल्ट को देखकर पूरे जिले में शुरू किया जाएगा।
इस बाबत डीएसओ विमल कुमार शुक्ला ने बताया कि नगर क्षेत्र में जल्द ही सिस्टम की शुरुआत कर दी जाएगी। दूसरे ब्लॉकों में सिस्टम को शुरू कराने का प्रयास चल रहा है।
योजना के लाभार्थियों को मिलेगा सस्ता अनाज
अनाज - कीमत
गेहूं - दो रुपये प्रति किलो
चावल - तीन रुपये प्रति किलो
मोटा अनाज - एक रुपये प्रति किलो
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तहसील व ब्लॉक स्तर से तैयार की गई सूची के मुताबिक 5.16 लाख लाभार्थियों का चयन किया गया है।
यह अंतिम सूची है। लेकिन यदि कोई कमजोर परिवार योजना के तहत पात्र है तो वह अपने क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों को आवेदन दे सकता है।
योजना के लाभार्थियों को एफपीएस आटोमेशन सिस्टम से अनाज वितरण कराया जाएगा। इससे उस परिवार का लाभ सिर्फ उसे ही मिलेगा। इससे गलत लोगों को अनाज नहीं मिल पाएगा।