गोरखपुर-गोंडा रेल प्रखंड के बीच स्थित टिनिच रेलवे स्टेशन के पास रविवार को सुबह डाउन रेल ट्रैक टूट जाने से उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब उसी लाइन से मालगाड़ी गुजर गई। ट्रेन के गुजरते समय चालक को झटका लगा। उसने किसी तरह ट्रेन को आगे निकाल लिया और इसकी सूचना पहले वाकीटॉकी से टिनिच स्टेशन मास्टर को दी, फिर मेमो के जरिये सूचना गोविंद नगर रेलवे स्टेशन पर दी।
इससे डाउन रेल लाइन करीब दो घंटे प्रभावित रही। लखनऊ की ओर से गोरखपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया।
टिनिच रेलवे स्टेशन के पूर्वी गेट के पास किमी संख्या 582/6-5 जे डाउन रेल ट्रैक पर रविवार की सुबह लगभग 9:45 बजे गोंडा की तरफ से गोरखपुर की ओर जा रही मालगाड़ी ने जैसे ही टिनिच रेलवे स्टेशन पार किया तो चालक को झटका महसूस हुआ।
जिस पर ट्रेन चालक ने वाकीटॉकी से पहले टिनिच स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी और अपनी सूझबूझ से किसी तरह से वह ट्रेन को टूटी रेल लाइन को पार कर आगे बढ़ गया और इसकी सूचना ड्राइवर ने गोविंद नगर रेलवे स्टेशन पर मेमो के माध्यम से दी और कहा कि डाउन ट्रैक की जांच करा ली जाए, इसके बाद कोई ट्रेन चलाई जाए।
इस पर रेलवे के कर्मचारियों ने निरीक्षण किया तो रेल लाइन टूटी पाई गई। यदि चालक की बात को नजरंदाज कर कोई अन्य ट्रेन गुजरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। टिनिच रेलवे स्टेशन मास्टर अनिल सिंह ने बताया कि सुबह 9.45 बजे रेल ट्रैक टूटने का मेमो मिला था।
जिस पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर बस्ती देश दीपक पांडेय को सूचित किया गया और उन्होंने अपनी टीम के साथ रेल लाइन को 11:30 बजे ठीक कर डाउन रेल लाइन को बहाल किया। इस पर पहली ट्रेन 11:40 बजे बाघ एक्सप्रेस को कॉसन के जरिये 10 किमी की रफ्तार से निकाला गया।