गोंडा। गणेश चतुर्थी पर मंगलवार को ऋद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गजानन का आगमन हो गया है। दस दिन तक शहर से लेकर गांव-गिरांव तक गणेश उत्सव की धूम रहेगी। मंगलवार को दोपहर बाद अधिकतर पंडालों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं।
शहर के पंतनगर, राजा मोहल्ला, राधाकुंड, फोरबिसगंज, नूरामल मंदिर, बड़गांव पुलिस चौकी, रेलवे स्टेशन सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गईं। पुरोहितों ने विधि-विधान से पूजा कराकर लंबोदर की प्रतिमा को लाल कपड़े वाली चौकी पर स्थापित किया। देर शाम आरती के बाद भगवान गणेश की आंखों की पट्टी खोली गई। भक्त गणपति बप्पा मोरया... व मेरे घर में पधारो गजानन जी... की धुन पर झूम उठे।
भक्त शिवनाथ रस्तोगी ने बताया कि शहर के कुछ स्थानों पर चौथे दिन प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है। जबकि कहीं-कहीं दसवें दिन लंबोदर का विसर्जन होता है। घरों में लंबोदर की छोटी प्रतिमाएं भी कई श्रद्धालुओं ने रखीं। श्रद्धालु कंचन ने बताया कि घर के पूर्वोत्तर भाग में लकड़ी के पटरे पर गेहूं, मूंग व जौ बिछाकर लाल कपड़े पर गणपति की प्रतिमा स्थापित की गई। उन्हें वस्त्र, जनेऊ, चंदन, अक्षत, धूप दीप, समी पत्र, पीला फूल व फल चढ़ाया गया। शहर के ददुआ बाजार के सुनार गली में लखनऊ से आई छह फीट ऊंची गणेश प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी है।
गणेश चतुर्थी पर स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित हुए। शहर के रोडवुड इंटर कॉलेज में विघ्नहर्ता मंगलकर्ता भगवान गणेश की झांकी सजाई गई। कक्षा सात के छात्र रुद्र श्रीवास्तव ने गणेश बनकर मनमोहक नृत्य किया। छात्र यथार्थ तिवारी, निखिल राय, विनय, वेदांश, यज्ञ, अनिल, अनवी, अरनव ने भी गणेश का रूप धारण कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये। प्रबंधक अमित पांडेय व प्रधानाचार्य सरिता पांडेय ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया।