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Gonda News: स्लीपर बसों में फोल्डिंग सीटों का चल रहा खेल

Wed, 23 Jul 2025 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। बस चालक कमाई के लालच में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं। गोंडा से दिल्ली और लुधियाना तक जाने वाली स्लीपर बसों में मोटी कमाई के लिए इन दिनों सीटों का खेल चल रहा है। परमिट पास सीटों से तो उन्हें आमदनी होती ही है। बढ़ाई गई सीटों से भी बस चालक मोटी कमाई कर रहे हैं। जांच टीम को चकमा देने के लिए बसों में फोल्डिंग सीटें और बेंच बनवाकर रखते हैं। सवारियां बढ़ने पर इन सीटों का इस्तेमाल करते हैं।
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शहर में विभिन्न इलाकों से रोजाना करीब 40 बसें दिल्ली व 22 बसें लुधियाना के लिए चलती हैं। ये बसें जिले के विभिन्न इलाकों से सवारियां लेकर करनैलगंज पहुंचती हैं। यहीं से बसों में यात्री के हिसाब से सीटें बढ़ाने का खेल शुरू होता है। इनमें दिल्ली की करीब 25 बसें ऐसी हैं, जिसमें टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा है। समय के हिसाब से किराये का निर्धारण है।
एक माह पहले बुकिंग कराने पर गोंडा से दिल्ली का किराया 1200 रुपये पड़ता है। यात्रा की तारीख नजदीक आते-आते किराया भी बढ़ता रहता है। करंट टिकट लेने पर दिल्ली का किराया 2200 रुपये है।
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इस तरह माह में दिल्ली के 15 ट्रिप लगाने पर निर्धारित सीटों से बस चालक 9 लाख 90 हजार रुपये व बढ़ी सीटों से 1 लाख 65 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं। इस तरह सीटों के खेल में 11 लाख 55 हजार की कमाई हो रही है।


लुधियाना तक 15 ट्रिप में महीने में होती पांच लाख की कमाई
स्लीपर बसों के संचालक एक महीने में लुधियाना की कम से कम 15 ट्रिप लगाते हैं। यानि एक आना और एक जाना। स्लीपर बसों में 30 सीटें होती हैं। गोंडा से लुधियाना का किराया 1000 रुपये है। एक स्लीपर बस को एक दिन लुधियाना पहुंचने में लगता है तो उसी रात वहां से चलकर दूसरे दिन गोंडा पहुंचती हैं। इस तरह से महीने में एक बस कम से कम 15 ट्रिप लगाती हैं। एक ट्रिप बस संचालक को सीट के हिसाब से 30 हजार व बढ़ाई गई सीटों से पांच हजार की कमाई होती है। इस तरह महीने की 15 ट्रिप में सीट से 4.50 लाख रुपये व बढ़ाई गई सीटों से 75 हजार रुपये की कमाई होती है। कुल मिलाकर संचालक एक महीने में 5.25 लाख रुपये कमाई करते हैं।



टीमें कर रहीं जांच
एआरटीओ व पीटीओ की टीमें जांच में लगी हैं। सभी बसों की परमिट और फिटनेस की जांच के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन नियमों के मानकों को पूरा न करने वाली स्लीपर बसों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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राजेंद्र कुमार सरोज, आरटीओ प्रवर्तन, देवीपाटन
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