गोंडा। रामापुर डिहवा निवासी प्रिंस शर्मा की हत्या में बसपा के पूर्व नेता राजिक उस्मानी की एसयूवी का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि गाड़ी तो राजिक की है, लेकिन अभी तक की जांच में हत्या में उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई है। जांच जारी है।
बीते 13 अगस्त को प्रिंस शर्मा का शव घर से कुछ दूरी पर चमनगंज चौराहे के पास सड़क पर मिला था। शव के ऊपर बाइक पड़ी थी। मौके पर मिले कुलदीप और उसके नाबालिग भाई ने वनरोज के टकराने से हुए हादसे में प्रिंस की मौत होने की सूचना दी थी। पुलिस भी मौके पर मिले कुलदीप और उसके नाबालिग भाई को चोटिल बताते हुए इस घटना को हादसा मानकर जांच कर रही थी।
मृतक की मां पूनम शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने गांव निवासी कुलदीप पाठक और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने 21 अगस्त को कुलदीप के बड़े भाई करनदीप पाठक को गिरफ्तार कर एसयूवी बरामद की। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि प्रिंस के साथ अयोध्या से लौटते समय विवाद हो गया था। पिटाई के दौरान चलती एसयूवी से गिरने से उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने एसयूवी को सीज कर दिया। जांच में पाया गया कि एसयूवी बसपा के मुस्लिम समाज भाईचारा के पूर्व मंडल संयोजक राजिक उस्मानी की है। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि एसयूवी राजिक उस्मानी के नाम पंजीकृत है, लेकिन अब तक की जांच में हत्या में उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई है, जांच जारी है।
वहीं, शाहपुर गांव निवासी राजिक उस्मानी ने बताया कि उन्होंने स्कार्पियो गाड़ी 2010 में बेच दी थी। मगर खरीदार ने वाहन ट्रांसफर नहीं कराया। इसकी जानकारी अब हुई है। राजिक ने कहा कि हत्या आरोपियों से मेरा कोई संबंध नहीं है।