दुखहरणनाथ मंदिर के समीप सजी फूलों की दुकान। - संवाद
गोंडा। सहालग का मौसम आते ही जिले का फूल बाजार अपनी खूबसूरती और खुशबू से गुलजार हो गया है। शादियों का सीजन शुरू होते ही फूलों की डिमांड कई गुना बढ़ गई है। जिले में स्थानीय स्तर पर गेंदा और गुलाब की खेती होती है, लेकिन जयमाल, गुलदस्ते और प्रीमियम सजावट के लिए फूल कारोबारियों को लखनऊ समेत अन्य शहरों से रंग-बिरंगे फूल मंगाने पड़ रहे हैं। बढ़ती मांग के कारण इस बार दामों में भी खासा इजाफा देखने को मिल रहा है।
स्थानीय बाजार में गुलाब 400 रुपये प्रति किलो और गेंदा 120 रुपये किलो तक बिक रहा है। पहले गुलाब 200 रुपये व गेंदा 75 रुपये प्रति किलो मिलता था। आम दिनों में जहां एक क्विंटल फूल की खपत होती थी, वहीं सहालग में यह खपत पांच से सात क्विंटल तक पहुंच गई है। शादी वाले घरों में मंडप, स्टेज, कार डेकोरेशन, जयमाल और सेहरा सजाने के लिए फूलों की खास डिमांड बनी हुई है।
दुखहरणनाथ मंदिर के पास फूलों की दुकान चलाने वाले सांवल गुप्ता बताते हैं कि सहालग में हर साल फूलों के दाम बढ़ जाते हैं। बाजार में 1,000 से 1,500 रुपये तक के जयमाल तैयार किए जा रहे हैं, जबकि विशेष ऑर्डर पर 2,500 रुपये तक के जयमाल तैयार किए जाते हैं। ग्लैडियोलस फूल भी खूब बिक रहा है, जिसकी कीमत 300 रुपये में 50 पीस है।
शादी-ब्याह में बढ़ा कृत्रिम फूलों का चलन
बाजारों में सहालग की रौनक बढ़ाने के साथ ही कृत्रिम फूलों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। सगाई, जयमाल, गोदभराई, कार सजावट से लेकर डोली सजावट तक अब नई-नई थीम वाले आर्टिफिशियल फूलों का ट्रेंड जोर पकड़ रहा है। आर्टिफिशियल फूलों की दुकान चलाने वाले कौशर अली बताते हैं कि लोग अब टिकाऊ और आकर्षक सजावट चाहते हैं, इसलिए थीम बेस्ड आर्टिफिशियल फ्लावर डेकोरेशन का चलन बढ़ रहा है।