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चार जिलों की बिजली पर बाढ़ के पानी का ग्रहण

Wed, 03 Aug 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला/गाोंडा
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‌ब‌िजली - फोटो : अमर उजाला
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मंडल के चार जिलों में आई बाढ़ अब धीरे-धीरे आम लोगों के साथ ही बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाने लगी है। हाल में बलरामपुर जिले की इटईमैदा चीनीमिल में राप्ती नदी का पानी भर जाने से वहां लगा बिजली जनरेशन प्लांट पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे मिल की ओर से जनरेशन यूनिट में बनाई जाने वाली 90 मेगावाट बिजली पावर कॉर्पोरेशन को नहीं मिल पा रही।
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इटईमैदा चीनीमिल की जनरेशन यूनिट के साथ ही उतरौला में बना पावर ट्रांसमिशन डिवीजन का 132 केवी पावर हाउस पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। बीते 3 दिनों से पूरे उतरौला तहसील की बिजली भी ठप चल रही है। वहीं आशंका यह भी जताई जा रही है कि अगर बाढ़ का कहर इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में मंडल के भीतर चल रहे कई व पावर प्लांट बंद हो सकते हैं। 

इटईमैदा चीनीमिल के पावर प्लांट में बनने वाली 90 मेगावाट बिजली की खपत देवीपाटन मंडल के चार जिलों में होती थी। मिल से पहले यह बिजली उतरौला पॉवर हाउस को जाती थी। जहां से इसका आदान-प्रदान 220 केवी गोंडा कंट्रोल रूम के साथ ही मंडल के बाकी जिलों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे नेपाल तक हुआ करता था।
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लेकिन बीते तीन दिनों से बंद पड़े पावर प्लांट से कोई भी बिजली पावर ट्रांसमिशन डिवीजन को नहीं मिल रही, क्योंकि पूरा पावर प्लांट राप्ती नदी में आई बाढ़ के पानी में लबालब डूबा हुआ है। 

बलरामपुर और इटईमैदान चीनीमिल के साथ ही कुंदुरखी चीनीमिल मंडल में बिजली उत्पादन का एक बड़ा स्रोत है। जिनसे हर रोज करीब 180 मेगावाट बिजली पावर ट्रांसमिशन डिवीजन को मिल जाती है। इटईमैदा चीनीमिल की जनरेशन यूनिट में बाढ़ का पानी भर जाने से यहां होने वाला 90 मेगावाट बिजली का उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है।

जिससे अब सिर्फ 90 मेगावाट बिजली ही पावर ट्रासमिशन डिवीजन को मिल पा रही है, जो कि मंडल के चार जिलों में होने वाली बिजली की खपत के सापेक्ष बहुत कम है। जिससे बिजली संकट गहराने के आसार हैं।   

  बलरामपुर ट्रांसमिशन के एसडीओ अमर सिंह ने बताया कि इटईमैदा चीनीमिल की जेनरेशन यूनिट में बाढ़ का पानी भर जाने से पूरी तरह बंद हो गई है, जबकि उनका 132 केवी पावर हाउस भी पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है। 90 मेगावाट जो बिजली इटईमैदा चीनीमिल से उन्हें मिलती थी, उसे चार जिलों में खपत के लिए भेजी जाती थी।

लेकिन इधर तीन दिनों से मिल में पानी भर जाने के कारण पावर प्लांट पूरी तरह से बंद है। जबकि उनका पावर हाउस भी पानी में डूबे होने के कारण बंद पड़ा है। पानी जब तक खत्म नहीं होता है, तब तक इस तरह के हालात बने रहेंगे।

देवीपाटन क्षेत्र के मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बताया कि इटईमैदा चीनीमिल के साथ ही उतरौला 132 केवी पावर हाउस में बाढ़ का पानी भर जाने से दोनों बिजलीघर ठप चल रहे हैं। उतरौला तहसील को भी तीन दिनों से बिजली नहीं मिल रही थी। जिसे बुधवार को बलरामपुर से जोड़कर चालू करवा दिया गया है।

पानी जैसे-जैसे कम होगा, वैसे-वैसे सबकुछ सामान्य हो जाएगा। मिल की जनरेशन यूनिट बंद होने से उन्हें 90 मेगावाट बिजली जरूर नहीं मिल रही। जिसकी व्यवस्था अलग से वह कर रहे हैं।
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