मंगलवार को शुरू हुए नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की गई। देवी मंदिरों में सुबह चार बजे से ही देवी भक्तों ने पहुंच कर मां की पूजा की। कुमकुम, चंदन, रोली लगाकर मां गो चुनरी भेंट की। इसके बाद पुष्प, सुगंध, फल व नारियल चढ़ाकर मां से कामना की। यहां लोगों ने गरीबों को दान भी दिए।
खैरा भवानी मंदिर में सुबह चार बजे ही मंदिर का पट खुल गया था। पिंडी रूप में विराजमान यहां मां के दर्शन को भीड़ हो गई। आज सदर तहसील क्षेत्र में चुनाव होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले भक्त मंदिर नहीं पहुंच पाए, जबकि शहर से हजारों भक्तों की भीड़ यहां जुटी और मां की पूजा कर कामना की।
काली भवानी मंदिर में भी सुबह से ही मां की आराधना के लिए लोगों की लाइन लग गई। यहां यजमानों द्वारा पुरोहितों से सप्तशती का पाठ कराया गया।
पुरोहितों ने मंदिर में बैठकर यजमानों को विधिवत पाठ कराया और कलश की स्थापना करवायी। इसके अलावा घरों में मां की कलश स्थापना की गई। कन्या का भोज कराया गया।
अखंड ज्योति जलाकर मां से रक्षा करने का वरदान मांगा। दुर्गा के 108 नामों की आराधना हुई। इसके बाद आरती उतारी गई। इसी तरह मां बाराही देवी सहित अन्य मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रही।