पद्मश्री कवि एवं शायर बेकल उत्साही को रविवार को उनके शुभचिंतकों व नगरवासियों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सुबह से ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए भीड़ जुटी रही। जनाजा निकाल कर ईदगाह में जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद उन्हें उनके आवास के सामने निजी जमीन पर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
बीते गुरुवार को पद्मश्री बेकल उत्साही दिल्ली स्थित आवास के बाथरूम में गिरकर घायल हो गए थे। शनिवार भोर में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका शव पूरे राजकीय सम्मान के साथ रविवार को सुबह बलरामपुर स्थित आवास लाया गया, जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दोपहर में उनके आवास से जनाजा निकालकर लोग नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए बीबी बांदी साहिबा ईदगाह पहुंचे।
ईदगाह में उनके जनाजे की नमाज मुबारकपुर आजमगढ़ से आए धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद अहमद मिसबाही ने अदा कराई। नमाज में अलहाज महबूब मीनाशाह, कारी जमालुद्दीन, मौलाना उमर, मौलाना राशिद रजा तथा मौलाना असगर अली व शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी आदि मौजूद रहे। इसके बाद उनका शव पुन: पैतृक आवास लाया गया। यहां पद्मश्री को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पद्मश्री बेकल उत्साही के अंतिम संस्कार में सूबे के कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव, सदर विधायक जगराम पासवान, उतरौला विधायक आरिफ अनवर हाशमी, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष फजले मसूद, पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी, पूर्व मंत्री हनुमंत सिंह, नगर पालिका चेयरमैन इशरत जमाल, तुलसीपुर ब्लॉक प्रमुुख शफीक अहमद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज कुुमार सिंह, पूर्व विधायक मंगलदेव सिंह, पूर्व चेयरमैन कुसुम चौहान, मदरसा प्रबंधक डॉ. इकबाल व पूर्व विधायक राम सागर अकेला आदि मौजूद रहे।