इस वर्ष करनैलगंज का रामलीला मैदान एवं इमाम चौक एकता, सौहार्र्द व भाईचारे का प्रतीक ही नहीं, गवाह भी बनेगा। एक साथ पड़ रहे दोनों धर्मों के त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं साथ-साथ मनाने की सहमति दोनों कमेटियों के बीच हुई है। एक-दूसरे के जुलूस में बराबर की भागीदारी करने की रणनीति तय कर ली गई है।
जैसा कि करनैलगंज बस स्टैंड के पास एक बड़े से मैदान में रामलीला मैदान, सीता वाटिका, मुख्य द्वार व लंका भवन बना हुआ है, वहीं उसी से मिला हुआ इमाम चौक भी है। जहां सातवीं व मोहर्रम पर भारी भीड़ एकत्र होती है।
इस वर्ष एक तरफ रामलीला तो दूसरी ओर सजदा होगा। दोनों धर्मों के त्योहार एक साथ और एक ही दिन पड़ रहे हैं, जो पुलिस व प्रशासन के लिए एक चुनौती है। वहीं, दोनों धर्मों के अगुवाकारों ने इस बार एकता की मिसाल कायम करने की पहल की है।
एक तरफ मोहर्रम अंजुमन सज्जादिया कमेटी की अगुवाई में होता है, वहीं, रामलीला का कार्यक्रम व दशहरा का त्योहार रामलीला कमेटी की अगुवाई में होता है।
दोनों के अगुवाकारों ने एक साथ शांतिपूर्ण त्योहार मनाने की रणनीति तय की है। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष अकबाल रजा कुरैशी व रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रामजीलाल मोदनवाल के मुताबिक दोनों त्योहारों के मनाने का समय परिवर्तित कर लिया जाएगा तथा मोहर्रम के जुलूस में हिंदू संगठन व रामलीला कमेटी के लोग शामिल होंगे।
उधर, रामलीला के विमान व कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होकर एकता का परिचय देते हुए कार्यक्रम को संपन्न कराएंगे।
एसडीएम वीके सिंह ने बताया कि दोनों समुदाय के लोगों एवं अगुवाकारों ने महज अफवाह फैलाने व कुछ असामाजिक तत्वों पर नजर रखने की मांग की है तथा एक साथ शांतिपूर्ण त्योहार मनाने की सहमति दी है।
सीओ सबीहुल हम्द बताते हैं कि दोनों धर्मों के लोग एक साथ त्योहार मनाएंगे तथा एक-दूसरे जुलूस में शामिल होंगे। प्रभारी निरीक्षक बृजकिशोर ने बताया कि दोनों समुदाय के लोगों को एक साथ बैठाकर सहमति ली गई है। दोनों एक-दूसरे के जुलूस में बराबर की भागीदारी करेंगे।