गोंडा। बहुचर्चित सरयू नहर तरबगंज ब्रांच जो परसा गोण्डरी से निकल कर धनई पट्टी तक जाती है। कागजों में इस नहर का काम तो 2002 में ही पूरा हो गया था लेकिन हकीकत में नहर चार स्थानों पर नहर की खुदाई को लेकर चल रहे विरोध से काम अटका रहा।
इसे लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन एक्शन में आया। प्रशासन ने पुलिस बल व एक दर्जन से अधिक जेसीबी के साथ सालपुर धौताल में जबरन नहर खुदाई के रोके गए कार्य को शुरू करा दिया। इसे लेकर परसा गोण्डरी के किसान में गहरा रोष है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि खुदाई का कार्य जबरन जोर हुआ तो जान तक देने से पीछे नहीं हटेंगे।
परसा गोण्डरी के किसान लगातार 7 महीनों से नहर खोदाई के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि गलती सिंचाई विभाग ने की है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
किसान नहर के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हैं लेकिन उनकी मांग है कि इसका मुआवजा आज के सर्किल रेट से मिलना चाहिए। परसा गोण्डरी के किसान रंगनाथ, कैलाश नाथ, कमलेश कुमार, सुषमा, सुशीला आदि का कहना है कि अगर उनकी जमीन पर सालपुर धौताल की तरह जबरदस्ती खोदाई की गयी तो वे अपनी जान देने से पीछे नहीं हटेंगे।
जिस प्रकार की गुंडई से सालपुर में नहर की खुदाई की गई है वैसे परसा गोण्डरी में नहीं होने दी जाएगी। जब तक नये सर्किल रेट से मुआवजा नहीं मिलता है। किसी भी दशा में खोदाई नहीं करने देंगे।