करनैलगंज के याकूबपुर गांव में गुरुवार को लगी भीषण आग में पूरा गांव खाक हो गया। गांव वासी अब खुले आसमान के नीचे आ गए। इस अग्निकांड में जहां 11 मवेशी झुलस कर मर गए वहीं एक परिवार की बेटी के हाथ पीले होने से पहले विवाह के लिए एकत्र सारा सामान जलकर राख हो गया।
परिवार में 3 अप्रैल को लड़की की शादी होने वाली थी। जिसके लिए लाया गया सारा दहेज का सामान भी राख हो गया। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम डेमा के मजरा याकूबपुर में गुरुवार को दोपहर बाद अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे गांव को आगोश में ले लिया।
जिसमें गांव में बसे 45 लोगों की पूरी घर गृहस्थी जल कर राख हो गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। दमकल के लिए पुलिस को सूचना दी गई। जब तक फायर ब्रिगेड की टीम गांव तक पहुंचती तब तक पूरा गांव जलकर राख हो गया।
इस भीषण अग्निकांड में मोहर्रम अली, नूर मोहम्मद, गुड्डू, अफजाल, पल्टू, रामनेवाज, जगनरायन, राजू, महादेव, सुकई, हंसराम, पियारे, राजाराम, गयाप्रसाद, विजय कुमार, ननकऊ, भरोसे, ननके, गनी, हासिम, गुल्ले, छुन्नू, रामकेवल, छंगा, श्रीकिशन, बालक, सुबेदार सहित करीब 45 लोगों के घर जलकर राख हो गए।
आग की चपेट में आकर मोहर्रम अली की गाय का बछड़ा व 10 बकरियों की मौत हो गई। मौके पर सीओ सबीहुल हम्द, कोतवाल हरी सिंह, भंभुआ चौकी प्रभारी एसके सिंह पुलिस बल के साथ बचाव कार्य में लगे थे।