शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ, अंतकाल को भवसागर में उसका बेड़ा पार हुआ गुनगुनाते हुए श्रद्धालु सावन के तीसरे सोमवार की सुबह से ही शिवालयों की ओर उमड़ पड़े। शिव भक्ति से ओतप्रोत कन्याओं, महिलाओं सहित तमाम लोंगों ने कतारें लगाकर औघड़दानी भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हुए परिवार व रिश्तेदारों के लिए मंगल कामना की।
नगर स्थित दुखहरणनाथ मंदिर पर श्रद्धालुओं के जमावड़ा होने के चलते रविवार से ही तैयारियां कर ली गई थीं। सोमवार की भोर से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा शुरू हो गया। हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए पहुंचे श्रद्धालुओं ने लंबी कतारें लगाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
महिला थानाध्यक्ष नीलम उपाध्याय की अगुवाई में महिला आरक्षी शीलमती शर्मा, एसएन वर्मा सहित पुलिस कर्मियों ने सभी श्रद्धालुओं को कतार लगवाकर बारी से जलाभिषेक कराया। उधर खरगूपुर में पृथ्वीनाथ मंदिर पर भगवाल भोले नाथ के विशालकाय शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा।
इसी तरह वजीरगंज स्थित बालेश्वरनाथ, करनैलगंज स्थित बरखंडीनाथ, मनकापुर करोहानाथ सहित अन्य शिव मंदिरों पर दिन भर जलाभिषेक कार्यक्रम का चलता रहा।
सावन के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं ने कर्पूर गौर, करुणावतार संसारसारं, भुजगेंद्र हारं,हृदयारविन्दे भवं भवानी सहित नमामि के मंत्रों को जपते हुए भगवान शिव का जलाभिषेक किया। धतूरा,बेलपत्र, भांग, गन्न सहित शिव को प्रिय अन्य वस्तुएं लेकर पहुंचे शिव भक्तों ने हर हर महादेव के जयकारे लगाए और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
कतारों में खड़े श्रद्धालु शिव की आराधना के विभिन्न मंत्रों के जाप से वातावरण मेें शिवभक्ति की सुगंधित बयार प्रवाहित कर रहे थे। बीच-बीच में हर महादेव के जयकारे व ओम नम: शिवाय का जाप श्रद्धालुओं में उत्साह भर रहा था।