सावन माह के पहले सोमवार को जिले के सभी शिवालयों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव एवं बोल बम के नारों से पूरा क्षेत्र गूंजायमान रहा। भोर पहर से लेकर देर रात तक शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
भगवान शंकर का जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करके शिव भक्तों ने परिवार की सुुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। कांवरियों ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया।
हिन्दू धर्म में सावन सोमवार के विशेष महत्व को देेखते हुए सभी शिवालयों में जलाभिषेक व भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ जुटी। जिले के पचपेड़वा स्थित शिवगढ़ धाम में गैसड़ी, पचपेड़वा, त्रिलोकपुर, गनेशपुर, जरवा, कोयलाबास के साथ-साथ सिद्घार्थनगर जनपद के बढ़नी व सोहरतगढ़ से भी सैकड़ों श्रद्धालु भोर पहर से ही कतारबद्ध होकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
इसी तरह नगर स्थित झारखंडी महादेव मंदिर, उतरौला स्थित दुखहरण नाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी स्थित शिवालय, तुलसीपुर शक्तिपीठ, देवीपाटन स्थित शिवालय, मथुरा स्थित शिवालय तथा राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में भी भोर पहर से लेकर देर रात तक शिवभक्तों का तांता लगा रहा। शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना व जलाभिषेक करके परिवार व राष्ट्र के कल्याण की कामना की।
सावन माह के पहले सोमवार को बोलबम व हर-हर महादेव के नारों से शिवालय ही नहीं बल्कि आसपास का पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कांवरिये पवित्र नदियों एवं सरोवरों से जल भरकर भगवान भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए शिवालयों पर पहुंचे। शिवालयों में कतारबद्ध होकर कांवरियों ने बारी-बारी से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
भगवान भोलेनाथ कुी पूजा-अर्चना के लिए सभी शिवालयों के सामने अन्य सामानों के साथ-साथ बेलपत्र, धतूरा-भांग व सफेद फूल की दुकानें भी सजी हुई थीं। शिवभक्तों ने इन दुकानों से भगवान भोलेनाथ को प्रिय बेलपत्र, धतूरा-भांग, बेर, गन्ना व सफेद फूल खरीद कर विधि-विधान के साथ भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की।
सावन माह के सोमवार की महत्ता को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन द्वारा नगर के सभी शिवालयों के आसपास तथा संपर्क मार्गों पर विशेष साफ-सफाई कराई गई। सफाई के बाद चूने व पानी का छिड़काव भी कराया गया। नगर के झारखंडी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नगर पालिका द्वारा जलापूर्ति के लिए पानी का टैंकर भी खड़ा करवाया गया।
सावन सोमवार पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी काफी सतर्क रहा। शिवालयों पर सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल लगाए गए थे। नगर में क्षेत्राधिकारी नृपेन्द्र व नगर कोतवाल श्रीनाथ यादव शिवालयों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।