गोंडा। नवजात शिशु की कथित हत्या की शिकायत पर शुक्रवार को भटकहवा गांव में डीएम के आदेश पर तहसीलदार सदर की मौजूदगी में कब्र खोदकर नवजात का शव निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। इसके बाद डीएनए टेस्ट को लखनऊ भेजा जाएगा।
बता दें कि मोतीगंज थाना क्षेत्र के भटकहवा गांव निवासी शंकर लाल ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। जिसमें कहा कि एक महिला ने उसके भाई खुशीराम के खिलाफ रंजिशन दुष्कर्म का केस थाना मोतीगंज में दर्ज कराया है।
25 मई को महिला ने सीएचसी काजीदेवर में एक बच्चे को जन्म दिया। देर शाम महिला और उसके परिवार के लोग बच्चे को लेकर अपने घर पहुंचे और डीएनए जांच से बचने के लिए शिशु की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोप था कि रात में चुपके से शव को कब्र खोदकर दफना दिया गया।
इसकी सूचना पुलिस के साथ ही पीआरवी को दी गई। डायल 112 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन दफनाए गए शिशु के शव को कब्र से निकलवाने के बजाय वापस लौट गए।
इसे गंभीरता से लेते हुए थाने की पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही को रिपोर्ट भेजी। जिसपर डीएम ने तहसीलदार सदर पुष्कर मिश्रा की मौजूदगी में पुलिस को कार्यवाही का आदेश दिया था।
डीएम के आदेश पर शुक्रवार को तहसीलदार सदर पुष्कर मिश्रा की मौजूदगी में भटकहवा गांव में कब्र खोदकर शिशु का शव निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
थाना मोतीगंज के प्रभारी निरीक्षक ब्रम्हानंद सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिशु दुष्कर्म के आरोपी का है या नहीं इसका पता लगाने के लिए नवाजात का ब्लड सैम्पल, व बॉडी टिशू डीएनए टेस्ट को लखनऊ भेजा जाएगा।