त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर विभिन्न पदों के आरक्षण को लेकर दिन भर अधिकारियों व दावेदारों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। विकास भवन से लेकर पंचायत उद्योग झंझरी तथा अधिकारियों के घर से माननीयों के घर तक आरक्षण सूची फाइनल कराने के लिए पंचायत विभाग के अधिकारी भागते रहे।
इतना ही नहीं अपना मोबाइल स्विच आफ कर ये अधिकारी अपना दिन भर लोकेशन बदलते रहे, जबकि आरक्षण की सूची रविवार को फाइनल कर 31 अगस्त की सुबह सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर चस्पा करनी है जिससे पांच सितंबर तक आपत्तियां प्राप्त कर उसका निस्तारण किया जा सके।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत के प्रधान व सदस्य पदों के वार्डों का आरक्षण तय होना था। 29 को रक्षा बंधन का त्योहार पड़ गया। 30 को रविवार होने के बावजूद दिन भर आरक्षण फाइनल करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी विकास भवन में डटे रहे।
शटर बंद करने के बाद भी सूची शाम सात बजे तक फाइनल नहीं हो पाई। बताया जाता है कि अधिकारी व कर्मचारी अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर झंझरी उद्योग कार्यालय पर पहुंचे। वहां भी जब कुछ लोग आरक्षण जानने के लिए पहुंचे तो ये सब एक कर्मचारी के घर पहुंच गए।
बताया जाता है कि सूची तो फाइनल हो गई लेकिन जब तक माननीयों द्वारा फाइनल नहीं की जाएगी तब तक उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। देर शाम को अधिकारी व कर्मचारी डीएम के यहां लेकर पहुंचे, लेकिन इसके बाद भी सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।
जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने शाम को बताया कि सूची रात तक फाइनल करके ब्लॉकों पर चस्पा करायी जाएगी। इसके बाद आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी।