गोंडा। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से खेत लबालब भर गए हैं। वहीं लोगों के घरों में भी बरसात का पानी भर गया है। बारिश से घर में पानी भर गया। जिसे शहर के जानकी नगर में एक युवक घर से पानी निकाल रहा था। पानी में करंट उतर आया। जिससे युवक की मौत हो गई। वहीं कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। लगातार हो रही बारिश से अब किसानों के लिए भी नुकसानदेह बताया जा रहा है।
बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान यास के असर से जिले में शुक्रवार के बाद शनिवार को भी दिनभर रिमझिम बारिश होती रही। इसकी वजह से मौसम पूरी तरह से सुहाना जहां रहा वहीं लोग लॉकडाउन की वजह से घरों में दुबके रहे। सड़कों पर कम ही लोग दिखते नजर आए।
घर में भरे पानी को निकालते समय करंट लगने से युवक की मौत हो गई। जानकी नगर कॉलोनी निवासी मोनू पुत्र अशोक कुमार अपने दो भाइयों व मां के साथ जानकी नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। दो दिनों से हो रही बरसात से उसके मकान में पानी भर गया था।
पानी निकालने के लिए उसने मोटर लगाया। जैसे ही लाइट आन किया पानी में करंट उतर आया। करंट की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। वहीं बारिश से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही, इससे भी लोगों को परेशानी हो रही है।
वरिष्ठ सस्य वैज्ञानिक डॉ राम लखन सिंह ने बताया कि यास चक्रवाती तूफान के लगातार तीन दिन भारी बरसात के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। दलहनी, तिलहनी एवं सब्जियों की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। इन फसलों में हुए जलभराव को किसान तुरंत खेत से बाहर निकालें ।
बागवानी फसलों, खाद्यान्न फसलों, गन्ना मेन्था आदि में जल निकासी का तुरंत प्रबंध करें। जलभराव होने के कारण फसलें गिर गई हैं ,जिससे उनकी बढ़वार एवं पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान तुरंत खेतों पर जाकर जल निकास का उत्तम प्रबंध करें,।
जिससे अतिरिक्त जल को बाहर निकाला जा सके। जिन किसानों ने उर्वरक की टॉप ड्रेसिंग की है उन्हें दोबारा टॉप ड्रेसिंग करनी पड़ेगी अथवा जल विलेय उर्वरकों का पर्णीय छिड़काव करना होगा। जिससे फसलों का समुचित विकास हो सके ।भारी वर्षा होने के कारण फसलों में कीड़े एवं बीमारियों का प्रकोप अधिक होगा, कीड़े एवं बीमारी से बचाव हेतु किसान भाई फसल सुरक्षा उपाय अवश्य करें।
परसपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंगुरा तक पहुंचने के लिए चिकित्सकों को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। मार्ग की हालत इतना बदतर हो गई है कि हल्की सी बरसात में भी यह नाले के शक्ल में बदल जाती है।
ज्ञात हो मन्नी पुरवा खजुरी निधि संपर्क मार्ग का निर्माण तीन दशक पूर्व पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने करवाया था। इसके बाद सड़क की दोबारा रिपेयरिंग नहीं की गई। वहीं दूसरी बात यह भी सड़क निर्माण के समय सड़क कि उचाई कम होने के कारण बरसात का सारा पानी इसी सड़क से होकर चांदहा नाला में जाता है।
इस कारण सड़क कि जल्दी ही खराब हो जाती है। मन्नी पुरवा निवासी लक्ष्मी नारायण दुबे ने बताया कि सड़क पर जल भराव से लोगो आवागमन में बहुत दिक्कत होती है। जितेंद्र ने बताया कि सड़क पर थोड़ी बरसात होने पर भी पानी जमा हो जाता है।