फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी से मारपीट के दोषियों को निगरानी पर छोड़ा

Thu, 07 Mar 2024 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। बचपन बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष व नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी पर हमला कर मारपीट करने के 20 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने दोषी दो सगे भाइयों को एक साल की परिवीक्षा निगरानी पर छोड़ने का फैसला सुनाया है। नोबेल विजेता कैलाश करनैलगंज क्षेत्र में चल रहे सर्कस में बंधक नेपाली बच्चियों को छुड़ाने गए थे। उन्हें साल 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था।
विज्ञापन

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीशधर द्विवेदी ने बताया कि बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता रमाकांत राय ने 15 जून 2004 में करनैलगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि अध्यक्ष कैलाश सत्यार्थी की अगुवाई में टीम करनैलगंज में लगे ग्रेट रोमन सर्कस में बंधक नेपाली बच्चों को छुड़ाने गई थी। सर्कस के अंदर जाते ही हमीरपुर जिले के मोदहा थाना क्षत्रे के मोदहा टाउन निवासी सर्कस मालिक फतेह मोहम्मद खान के बेटे शफी खान व रजा मोहम्मद खान ने टीम पर हमला कर मौजूद लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें चोटिल कर दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट राजेश नारायण मणि त्रिपाठी की कोर्ट ने साक्ष्य व गवाही के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना। कोई पुराना आपराधिक इतिहास न पाए जाने पर दोनों को एक-एक साल की परिवीक्षा अवधि पर छोड़ने का फैसला सुनाया। परिवीक्षा अवधि के दौरान दोनों को 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र व इतनी ही राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करना होगा। इस अवधि में जिला परिवीक्षा अधिकारी पर नजर रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें