गोंडा। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। इससे घबरा कर मौजूद डॉक्टरों ने आनन-फानन में महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसका इलाज कराने के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने सरकारी डॉक्टर पर वसूली करने के साथ ही इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
पसका निवासी आरती सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार दोपहर 11 बजे जिला महिला अस्पताल ले जाया गया। पति अवधेश सिंह ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन से पहले मौजूद डॉक्टर ने चार हजार रुपये की मांग की, लेकिन उनके पास सिर्फ 2500 रुपये ही थे। काफी देर तक हुई बातचीत के बाद महिला डॉक्टर 25 सौ रुपये लेकर ही ऑपरेशन करने को राजी हो गई। पति का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। गंभीर हालत में घरवाले उसे दुखहरणनाथ के पास संचालित एक निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां इलाज के दौरान प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
मृतका के पति अवधेश सिंह ने महिला अस्पताल में तैनात एक चिकित्सक दंपती पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि अंतिम संस्कार करने के बाद इस मामले में जिलाधिकारी, सीएमओ व नगर कोतवाली में लिखित शिकायत की जाएगी। दूसरी तरफ महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आरती को झटके आने लगे थे। इसी कारण हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ के सरकारी हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया था। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।